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गोडसे का मंदिर महात्मा गांधी का अपमान

गोडसे का मंदिर महात्मा गांधी का अपमान

नई दिल्ली. 18 मार्च 2015
 

मुख्तार अब्बास नकवी

महात्मा गांधी के पौत्र गोपाल कृष्ण गांधी का कहना है कि भारतीय समुदाय के एक वर्ग द्वारा नाथूराम गोडसे का मंदिर बनवाने का प्रस्ताव महात्मा गांधी का अपमान करने जैसा है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत को गांधी की जरूरत पहले से ज्यादा आज है. गोपाल कृष्ण ने एक लेख में लिखा है कि राष्ट्रपिता का काम कल्पनातीत तरीके से सफल रहा है.

यह लेख यहां पर एशियन लाइट समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ है. इसे लंदन के पार्लियामेंट स्क्वे यर पर महात्मा गांधी की नौ फुट ऊंची प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर प्रकाशित किया गया है. गांधी की प्रतिमा के ठीक बगल में नेल्सन मंडेला की प्रतिमा है.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके गोपाल कृष्ण ने कहा कि एक ओर जहां ब्रिटेन अपने प्रमुख इलाके में महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाकर उन्हें सम्मान देता है, वहीं भारतीय समुदाय का एक वर्ग उनके हत्यारे का मंदिर बनवाने के बारे में सोचकर उनका अपमान कर रहा है.

वह अखिल भारतीय हिंदू महासभा के उस कदम का जिक्र कर रहे थे, जिसमें उसने उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में गोडसे का एक मंदिर बनवाने की बात कही है.

पूर्व राजनयिक गोपाल कृष्ण ने अपने लेख में भारत में महिलाओं की स्थिति के बारे में कहा है कि अवधारणाओं में उनकी पूजा की जाती है, लेकिन वास्तव में उनकी उपेक्षा होती है, शोषण होता है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है.

उन्होंने लिखा, "मोहनदास करमचंद गांधी ऐसा नहीं है कि आपने कभी गलतियां नहीं की, आप गलतियां करते थे और आपकी पत्नी कस्तूरबा आपके बारे में किसी अन्य व्यक्ति से अधिक जानती थीं. लेकिन आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते थे और हमेशा बेहतर होने के लिए प्रयास करते रहते थे."
 


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