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किसानों की तकलीफ से शर्मिंदा: मोदी

किसानों की तकलीफ से शर्मिंदा: मोदी

नई दिल्ली. 22 मार्च 2015
 

मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह शासक वर्ग से किसानों और खेतिहर मजदूरों को मिल रही तकलीफों की खबर से शर्म महसूस करते हैं.

प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें यह जानकर दुख हुआ कि बारिश के कारण किसानों की फसलें नष्ट हो गईं, उन्हें समय पर खाद नहीं मिल रहे हैं और उन्हें गंदा पानी पीना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा, "मुझे कभी-कभी हमारे द्वारा (शासन वर्ग) किए गए काम पर शर्म महसूस होती है. मेरे पास इसके लिए कोई जवाब नहीं है, लेकिन मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि मैं इससे संबंधित मुद्दे पर आपकी सरकार को अवगत करा सकता हूं."

मोदी ने कहा कि असमय बारिश से किसानों के समक्ष उत्पन्न हुई समस्या से उन्हें अफसोस है.

उन्होंने कहा, "मैं किसानों की समस्या से अवगत हूं. जो पूरे साल कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन इन समस्याओं की वजह से उन्हें सबकुछ गंवाना पड़ता है. मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि इस कठिन समय में मैं आपके साथ हूं."

मोदी ने कहा कि सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को किसानों के हालात का अध्ययन करने को कहा गया है ताकि सरकार उनकी मदद कर सके.

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने यह कल्पना नहीं की थी कि किसान उनके रेडियो कार्यक्रम से पहले उन्हें इतने सारे सवाल भेजेंगे. उन्होंने कहा, "जब मैंने मन की बात किसानों के साथ करने की सोची. मैंने यह कल्पना नहीं की थी कि इतने सारे सवाल पूछे जाएंगे."

मोदी ने कहा, "मैं यह जानकर विस्मित हूं कि आप कितने सक्रिय और जागरूक हैं. आपके पत्रों से मुझे आपकी पीड़ा के बारे में पता चला."
 


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