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हुड्डा सरकार ने वाड्रा को फायदा पहुँचाया

हुड्डा सरकार ने वाड्रा को फायदा पहुँचाया

नई दिल्ली. 25 मार्च 2015
 

वाड्रा

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने हरियाणा में पूर्ववर्ती भूपिंदर हुड्डा सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने डीएलएफ के साथ जमीन समझौते में रॉबर्ट वाड्रा को अनुचित लाभ पहुंचाया.

वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटलिटी ने गुड़गांव जिले के मानेसर में साल 2008 में 3.5 एकड़ जमीन डीएलएफ के हाथ 58 करोड़ रुपये में बेची थी. हुड्डा सरकार की मंजूरी से इस जमीन के भूमि उपयोग में परिवर्तन (सीएलयू) के बाद इसे डीएलएफ को बेच दिया गया.

हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को कैग की रपट पेश की गई जिसके मुताबिक, "विशेष आवेदक (वाड्रा की कंपनी) को अनुचित लाभ देने की संभावना खारिज नहीं की जा सकती." रपट में हुड्डा सरकार द्वारा वाड्रा की कंपनी को विशेष महत्व देने पर भी सवाल उठाया गया है. रिपोर्ट के अनुसार हुड्डा सरकार ने अपनी तरफ से सीयूएल के लिए तत्काल मंजूरी प्रदान करके वाड्रा के प्रति एक तरह से आभार जताया.

वरिष्ठ अधिकारी अशोक खेमका ने इस सौदे को अवैध बताते हुए इसे रद्द करने का आदेश दिया था. 

 

यह विवाद तब राष्ट्रीय मुद्दा बन गया, जब विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार दिल्ली तथा दिल्ली के आसपास विवादित भूमि सौदों में वाड्रा की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उल्लेखनीय है कि वाड्रा ने दिल्ली के निकट हरियाणा के चार जिलों -गुड़गांव, पलवल, फरीदाबाद तथा मेवात- में जमीनें खरीदी थीं.