पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना > > Print | Share This  

स्मृति ईरानी को ट्रायल रुम में मिला कैमरा

स्मृति ईरानी को ट्रायल रुम में मिला कैमरा

पणजी. 3 अप्रैल 2015
 

स्मृति ईरानी

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को गोवा के एक कपड़ों की दुकान में कपड़ों के ट्रायल के वक्त देखा कि एक सीसीटीवी कैमरे का मुंह ट्रायल रूम की ओर है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

पुलिस निरीक्षक नीलेश राणे ने कहा कि स्मृति ईरानी उत्तरी इलाके में स्थित तटीय गांव कलांगुटे की एक बुटीक में गई थीं. वह कपड़े पहन कर देख रही थीं, तभी उनके एक सहायक की नजर कैमरे पर पड़ी तो उसने शोरगुल मचाना शुरू कर दिया और रोने लगी. यह स्थान राजधानी पणजी से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

राणे ने कहा, "जिस समय केंद्रीय मंत्री बुटीक में थीं, तभी उनके एक सहायक ने उन्हें कैमरे के बारे में बताया. कैमरा लगा तो ट्रायल रूम के बाहर है लेकिन ऐसा लगता है कि वह अंदर के दृश्यों को रिकॉर्ड करता है."

स्मृति ईरानी से संपर्क नहीं हो सका. कलांगुटे से भाजपा विधायक मिसेल लोबो ने कहा कि राज्य की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है. लोबो मौके पर मौजूद थे. लोबो ने कहा, "मैं पुलिस के साथ फिलहाल हार्ड डिस्क की छानबीन कर रहा हूं. कैमरा बहुत ही गलत जगह लगाया गया था, और पिछले तीन से चार महीनों की फुटेज मिली है जिसमें महिलाएं कपड़े बदल रही हैं."

कांग्रेस ने इसी बीच दावा किया कि 'चेंजिंग रूम कांड' गोवा का सबसे बड़ा राज है, खात तौर पर पर्यटन केंद्रित तटीय इलाकों में. कांग्रेस के प्रवक्ता दुर्गादास कामत ने कहा, "केवल यही बुटीक नहीं, इस तरह की सुविधाओं वाली सभी बुटीकों की जांच की जानी चाहिए. एक केंद्रीय मंत्री कम से कम अधिकारियों को सचेत कर सकता है, लेकिन ज्यादातर लोग ऐसा नहीं कर सकते."
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in