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आंध्र: पुलिस-तस्कर मुठभेड़ पर विवाद

चेन्नई. 7 अप्रैल 2015
 

मनमोहन सिंह

तमिलनाडु ने आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा चंदन तस्करों के कथित मुठभेड़ पर सवाल उठाए हैं. मंगलवार को आंध्र पुलिस ने दावा किया था कि तिरुपति के नज़दीक शेषाचलम फ़ॉरेस्ट रेंज में पुलिस और वन विभाग की टीम के साथ हुई मुठभेड़ में 20 लोग मारे गए हैं. पुलिस का दावा है कि ये सभी लोग चंदन तस्कर थे.

लेकिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वन ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू को भेजी एक चिट्ठी में कहा है कि हो सकता है कि ये लोग तस्कर हों लेकिन इतनी बड़ी तादाद में एक साथ हुई मौत को लेकर कई सवाल उठते हैं. मारे जाने वाले अधिकतर तमिलनाडू के हैं.  ख़त में कहा गया है कि उन्हें पकड़ने की कोशिश की जानी चाहिए थी. मारे जाने वालों में से अधिकतर तमिलनाडु के थे.

आंध्र के पुलिस अधिकारियों ने मुठभेड़ के बारे में कहा था कि कि जंगल में मौजूद 80 से 100 लोगों ने जब पुलिस और वन विभाग के एसटीएफ़ पर पत्थर फेंके तब उन्होंने फ़ायरिंग कर दी.

आंध्र प्रदेश के डीआईजी कांता राव ने बीबीसी हिंदी को बताया, "ये लोग आम तौर पर 100 से 300 की संख्या में होते हैं. इस बार उन्हें पता नहीं था कि वन अधिकारियों के साथ एसटीएफ़ भी है. उन्होंने पत्थर फेंके और हमारे एक ग्रुप ने आत्मरक्षा में फ़ायरिंग की." उन्होंने आगे कहा, "चंदन के पेड़ काटने और तस्करी करने वालों में ज़्यादातर लोग पड़ोसी राज्यों के हैं." इस इलाके की सीमा तमिलनाडु से लगी हुई है.

हालांकि पुलिस ने मरने वालों की पहचान बताने से इनकार कर दिया है लेकिन तमिलनाडु के राजनीतिक दल इस घटना की आलोचना कर रहे हैं.
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि दोनों राज्य सरकारों को इस बारे में चर्चा करनी चाहिए थी क्योंकि बीते कुछ महीनों में ऐसी घटनाएं हुई हैं. वहीं एमडीएमके नेता वाइको ने इसे 'हत्या' बताया है.

साल 2013 में तस्कर समूहों ने दो वन अधिकारियों की हत्या कर दी थी इसके बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने पुलिस और वन अधिकारियों के स्पेशल टास्क फ़ोर्स का गठन किया था.


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