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मीडिया को प्रेस्टीट्यूट बताकर फंसे वीके सिंह

मीडिया को प्रेस्टीट्यूट बताकर फंसे वीके सिंह

नई दिल्ली. 8 अप्रैल 2015
 

वी के सिंह

केंद्रीय रक्षा मंत्री वी.के.सिंह अपने ट्वीट में मीडिया को प्रेस्टीट्यूट बता कर मुश्किल में फंस गए हैं. एक ओर जहां सिंह की पार्टी भाजपा ने खुद को अलग कर लिया है, वहीं कांग्रेस ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है. प्रेस्टीट्यूट अंग्रेजी के शब्दों प्रेस और प्रोस्टीट्यूट को मिला कर बना है जिसका अर्थ बिकाऊ मीडिया से लगाया जा रहा है.

दरअसल पूरा मामला वी.के सिंह का संवाददाताओं से कथित तौर पर ये कहने से शुरु हुआ है कि यमन से भारतीयों को सुरक्षित निकालने के अभियान में हिस्सा लेना पाकिस्तान दिवस पर पाकिस्तानी दूतावास जाने से कम रोमांचक था. उल्लेखनीय है कि वी.के.सिंह संकटग्रस्त यमन से भारतीयों की सुरक्षित निकासी के अभियान पर नजर रखने के लिए जिबूती में हैं.

मीडिया के एक धड़े ने सिंह की इस बात को प्रमुखता दी, जिसके बाद उन्होंने ट्वीट किया, "दोस्तों आप प्रेसटीट्यूट्स से और क्या उम्मीद कर सकते हैं.."

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस टिप्पणी और ट्वीट के लिए सिंह की आलोचना की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें निकाल बाहर करना चाहिए. वहीं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने जनरल (सेवानिवृत्त) सिंह के ट्वीट के बारे में कहा, "ट्वीट व्यक्तिगत मुद्दा है. इसका सही मतलब तो ट्वीट करने वाला व्यक्ति ही समझा सकता है."