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शिवसेना के निशाने पर शोभा डे

शिवसेना के निशाने पर शोभा डे

मुंबई. 9 अपैल 2015
 

शोभा डे

महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में शाम 6 से 9 बजे के शो में सिर्फ मराठी फिल्में दिखाए जाने के सरकारी फरमान का विरोध करने पर शिवसेना और रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया ने गुरुवार को मशहूर लेखिका शोभा डे के घर के बाहर प्रदर्शन किया है. प्रदर्शन के दौरान दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बैनर व ट्रे ले रखा था, जिसमें बड़ा-पाव, मिसल, दही-मिसल व वादी थे. उन्होंने शोभा डे के खिलाफ नारे लगाए.

राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना सरकार ने महाराष्ट्र के मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों को प्रतिदिन शाम 6 से 9 बजे के बीच मराठी फिल्में दिखाने का आदेश जारी किया है. शोभा डे ने इसके विरोध में ट्विटर पर टिप्पणियां की थीं. प्रदर्शनकारियों ने उनकी टिप्पणियों की निंदा की.

दक्षिण मुंबई के कफ परेड मैदान के करीब स्थित शोभा डे के आवास के बाहर बड़ी संख्या में तैनात पुलिस बल ने शिवसैनिकों को हालांकि शोभा डे के घर में प्रवेश से रोकने के लिए बल प्रयोग किया और कई लोगों को हिरासत में लिया.

प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि उन्हें इससे बिल्कुल परेशानी नहीं है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "मुझे मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा है. यहां पुलिस की नाकाबंदी है. मैं पूरी तरह शांत और सुरक्षित महसूस कर रही हूं. शुक्रिया मुंबई पुलिस." उन्होंने आगे कहा, "मैं ऐसी राजनीति करने वाली पार्टी का हिस्सा कभी नहीं बनूंगी. मैं कानूनी सलाह लूंगी और कानून के हिसाब से कर्रवाई करूंगी."

शोभा डे पिछले कुछ दिनों से सरकार के इस फैसले को तानाशाही करार देते हुए इसके विरोध में ट्वीट कर रही थीं. एक ट्वीट में उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जो कुछ कहा है, उसका आशय यह है कि उन्हें मराठी फिल्में पसंद हैं, लेकिन मराठी फिल्म देखते समय पॉपकार्न के बजाय शायद वडापाव खाना ही ठीक रहेगा.

उन्होंने सरकार के इस फैसले पर यह भी कहा था, "यह तो देवेंद्र फडणवीस सरकार की दादागीरी है."

इधर, शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाइक ने शोभा डे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणनवीस और राज्य के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी मांगने को कहा है.


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