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खाप महापंचायत में गोत्र में विवाह का विरोध

खाप महापंचायत में गोत्र में विवाह का विरोध

कुरुक्षेत्र. 13 अप्रैल 2010


हरियाणा की महाखाप पंचायत ने भारत सरकार को हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव दिया है. इसके अलावा खाप पंचायतों ने अपने फैसलों में न्यायपालिका के हस्तक्षेप का विरोध किया है. इस महापंचायत ने राजनीतिज्ञों को भी अपने निशाने पर लिया.

मंगलवार को कुरुक्षेत्र में 12 खाप पंचायतों और लगभग सौ गांवों की एक महाखाप पंचायत में इस बात पर विरोध दर्ज किया गया कि सरकार एक ही गोत्र में विवाह को जायज ठहरा रही है. पंचायत में उपस्थित प्रतिनिधियों का कहना था कि एक ही गोत्र में विवाह भाई-बहन के बीत विवाह की तरह है. महापंचायत के सदस्यों का आरोप था कि राजनीतिक दल उनका इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में उनकी पंचायतों के फैसलों का विरोध करने वाली राजनीतिक पार्टियों का बहिष्कार किया जाये.

ज्ञात रहे कि हाल के दिनों में सगोत्रीय विवाह करने वाले कई प्रेमी जोड़े खाप पंचायतों की बर्बरता का शिकार हुए हैं. पिछले दिनों एक ही गोत्र में शादी का आरोप लगा कर हत्या के मामले में अदालत ने खाप पंचायत के 5 लोगों को फांसी की सजा सुनाई थी.

एक गैर सरकारी संगठन लायर फार ह्यूमन राइट इंटरनेशनल ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर खाप पंचायतों द्वारा गैर कानूनी व तानाशाही आदेश जारी करने के खिलाफ कार्रवाई करने व इन खाप पंचायतों पर रोक लगाने की मांग की है.

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