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मोदी के स्कैम इंडिया पर बवाल

मोदी के स्कैम इंडिया पर बवाल

नई दिल्ली. 28 अप्रैल 2015
 

ओबामा

अप्रैल में तीन देशों की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए कुछ बयानों पर राज्यसभा में मंगलवार को हंमागा देखने को मिला. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई टिप्पणियों से देश का अपमान हुआ है. शर्मा का इस मुद्दे पर पूरे विपक्ष ने समर्थन किया.

शर्मा ने कहा, "प्रधानमंत्री ने कुछ बातें कही थी जिस पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता है. सभी प्रधानमंत्रियों ने एक परंपरा को बनाए रखा है, जब भी वे विदेश दौरे पर जाते हैं तो पूरे देश के प्रधानमंत्री की हैसियत से जाते हैं. विपक्ष भी एक परंपरा का निर्वाह करता है, जब प्रधानमंत्री देश से बाहर होते हैं, विपक्ष उनकी निंदा नहीं करता."

सदन का निर्धारित कार्य रोकने और इस मामले पर चर्चा का नोटिस देते हुए शर्मा ने कहा, "कनाडा में उन्होंने भारत को 'स्कैम इंडिया' कहा था. भारत कैसे घोटाला हो सकता है. कुछ गलतियां हुई होंगी लेकिन देश घोटाला नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि वह 60 साल की गंदगी साफ कर रहे हैं. उन्होंने अपने पद की गरिमा कम की है और उन्होंने पूर्व के सभी प्रधानमंत्रियों का अपमान किया है."

आनंद शर्मा ने कहा, "वह भारत के प्रधानमंत्री की हैसियत से देश के बाहर जाते हैं न कि भाजपा नेता की हैसियत से." उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने भी उनका विरोध किया.

आनंद शर्मा के साथ-साथ जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव, बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुखेंदु शेखर रॉय और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता तपन कुमार सेन ने भी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेश दौरे पर की गई टिप्पणियों का विरोध किया.

सदन के नेता अरुण जेटली ने हालांकि कहा कि अगर प्रधानमंत्री के बयान पर चर्चा होगी तो घोटालों पर भी चर्चा की जाएगी. जेटली ने कहा, "प्रधानमंत्री ने बयान दिया था कि हम निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं. मैं समझता हूं कि कांग्रेस इस प्रक्रिया से नाखुश है." उन्होंने कहा, "अगर हम इस पर चर्चा करें तो पिछले 60 सालों में हुए सभी घोटालों पर चर्चा होगी."

 


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