पहला पन्ना >राज्य >छत्तीसगढ़ Print | Share This  

कंधे पर हल हों, बंदूकें नहीं: मोदी

कंधे पर हल हों, बंदूकें नहीं: मोदी

दंतेवाड़ा.9 मई 2015
 

मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर की धरती ने दुनिया को जीने का रास्ता सिखाया है, यहां के आदिवासियों ने मिसाल पेश की है, यहां के लोगों के कंधों पर हल होने चाहिए, बंदूकें नहीं.

मोदी ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित विशाल सभा को संबोधित करते हुए नक्सलियों से मुख्य धारा में लौटने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, "कंधे पर हल से विकास संभव है, जबकि कंधे पर गन यानी बंदूक समस्या का समाधान नहीं है."

प्रधानमंत्री के बस्तर दौरे के दौरान चार परियोजनाओं के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.

प्रधानमंत्री ने कहा, "बस्तर के इतिहास में यह पहला मौका है कि एक घंटे में 24 हजार करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्यों के लिए समझौते किए गए. इससे भविष्य में बस्तर की जिंदगी में बदलाव का अनुमान लगाया जा सकता है."

मोदी ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए रोजगार का अधिक महत्व है. इसलिए देश के लिए सबसे पहली प्राथमिकता देश के नौजवान को रोजगार मुहैया करवाना है. केंद्र सरकार का प्रयास है कि देश के आदिवासी और पिछड़े हिस्सों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं.

उन्होंने कहा, "हमारी कोशिश है कि सुदूर इलाकों में रेल की पटरियां बिछाई जाएं, ताकि पिछड़े इलाके के लोगों को भी यातायात के साधन मिलें." उन्होंने कहा, "हमारा कारोबार होगा तो इस्पात भी हमारा होगा और इसी में हमारे नौजवानों को रोजगार मिलेगा और उनका भविष्य बनेगा."

प्रधानमंत्री ने नॉलेज सिटी और छत्तीसगढ़ के विकास का उल्लेख करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री रमन सिंह को राज्य में विकास कार्यो के लिए बधाई दी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कंधे पर हल से विकास संभव है, जबकि कंधे पर बंदूक समस्या का समाधान नहीं है. उन्होंने पंजाब में आतंकवाद का उदाहरण दिया और विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ में भी खून का खेल बंद होगा और विकास की गंगा बहेगी.