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जयललिता को हाईकोर्ट से राहत

जयललिता को हाईकोर्ट से राहत

बेंगलुरु. 11 मई 2015
 

जयललिता

कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक विशेष पीठ ने सोमवार को एआईएडीएमके महासचिव और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे.जयललिता को 66.65 करोड़ रुपये के आय से अधिक संपत्ति मामले में बरी कर दिया. इससे पहले पिछले साल 27 सितंबर को निचली अदालत ने उन्हें इस मामले में दोषी ठहराते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई थी.

जयललिता की याचिका पर बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति सी.आर. कुमारास्वामी ने उन सभी आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्हें दोषी ठहराते हुए चार साल कैद और 100 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी. न्यायमूर्ति ने कहा कि आरोपों में दम नहीं है.

न्यायालय के फैसले के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में जयललिता ने कहा, "न्याय की जीत हुई. फैसला इस बात का द्योतक है कि न्याय की जीत हुई है." उन्होंने कहा कि फैसले में मुझे उन सभी आरोपों से बरी कर दिया गया, जो मेरे राजनीतिक दुश्मनों ने लगाए थे.

न्यायाधीश ने निचली अदालत को जयललिता की संपत्ति को मुक्त करने के आदेश दिए, जिसे इस मामले में जब्त कर लिया गया था. उन्होंने जयललिता के अतिरिक्त तीन अन्य दोषियों एन. शशिकला, वी.एन. सुधारकरन, जे. ईलासवारसी को रिहा कर दिया, जिन्हें चार साल कैद और 10-10 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी.

गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति रखने का यह मामला 18 सालों तक चला. पहले इस पर तमिलनाडु में सुनवाई हुई और फिर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर नवंबर 2002 में इसे बेंगलुरू स्थानांतरित कर दिया गया.

सर्वोच्च न्यायालय ने 17 अक्टूबर, 2014 को जयललिता तथा तीन अन्य को 18 दिसंबर तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी थी. बाद में जमानत की अवधि 12 मई तक के लिए बढ़ा दी गई थी.


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