पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

मोदी यानी मर्डरर ऑफ डेमोक्रेटिक इंडिया

मोदी यानी मर्डरर ऑफ डेमोक्रेटिक इंडिया

बनारस. 25 मई 2015
 

जयराम रमेश

नरेंद्र मोदी सरकार के एक साल पूरा होने पर पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने मीडिया के सामने सरकार का रिपोर्ट कार्ड रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा प्रहार किया. रमेश ने कहा कि नमो का मतलब 'नो एक्शन मैसेजिंग ओनली' है, जबकि मोदी शब्द का असली मतलब 'मर्डरर ऑफ डेमोक्रेटिक इंडिया' है.

जयराम रमेश ने मथुरा में मोदी के रिपोर्ट कार्ड पेश करने पर व्यंग्य किया. उन्होंने कहा, "पीएम को हेमा मालिनी ने बुलाया है, इसलिए रैली के लिए उन्होंने मथुरा को चुना, बनारस को नहीं."

प्रधानमंत्री के विदेश भ्रमण पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी की तरह सुपर गगन विहारी वाजपेयी बनकर विदेशों का भ्रमण कर रहे हैं."

जयराम रमेश ने कहा, "मोदी आजकल केवल अपनी भक्ति का योग सभी को सिखा रहे हैं. केंद्र में सरकार भाजपा की नहीं, बल्कि मोदी हुकूमत है जहां मंत्री केवल संतरी बनकर रह गए हैं. किसी की हिम्मत नहीं कि मोदी के सामने कुछ बोल दे. वह बुलेट ट्रेन का सपना दिखा रहे हैं और भारत के ट्रेनों में शौचालय तक नहीं हैं."

उन्होंने कहा कि मोदी का 'काउंट डाउन' शुरू हो चुका है. पहले दिल्ली चुनाव में हार, इसके बाद भूमि अधिग्रहण विधेयक पर हार और तीसरी हार बिहार चुनाव में होनी है.

रमेश ने कहा कि मोदी सरकार 'किसान मुक्त' भारत बना रही है. इस समय नरेंद्र मोदी का 'यू-टर्न' चल रहा है. आधार कार्ड, भूमि अधिग्रहण विधेयक, नमामि गंगे और जीएसटी, एफडीआई-ये सभी योजनाएं यूपीए की थीं. मोदी ने इनमें कुछ संशोधन कर केवल नाम बदल दिया है.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in