पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >अंतराष्ट्रीय > Print | Share This  

भारत-बांग्लादेश के बीच भू-सीमा समझौता

भारत-बांग्लादेश के बीच भू-सीमा समझौता

नई दिल्ली. 20 दिसंबर 2014
 

गडकरी

भारत और बांग्लादेश ने 40 साल से चले आ रहे सीमा विवाद का समाधान करते हुए शनिवार को भूमि सीमा समझौते को मंजूरी दे दी. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की मौजूदगी में भूमि समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया.

भू-सीमा समझौते से पूर्व मोदी, शेख हसीना और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता-ढाका-अगरतला और ढाका-शिलांग-गुवाहाटी बस सेवा को हरी झंडी दिखाई. इस तरह दोनों देशों के बीच 22 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए.

इसमें बांग्लादेश को दो अरब डॉलर का ऋण दिया जाना भी शामिल है. इसके साथ ही भारत चटगांव मोंगला बंदरगाह का इस्तेमाल करेगा. भू-सीमा समझौते के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं.

इस भू-सीमा समझौते के तहत भारत बांग्लादेश को 111 कॉलोनी अथवा परिक्षेत्र सौंपेगा. इन कॉलोनियों की कुल जमीन 17,160.63 एकड़ है. वहीं बांग्लादेश 51 कॉलोनी अथवा परिक्षेत्र सौंपेगा. इन कॉलोनियों की कुल जमीन 7,110.02 एकड़ है. इसके अलावा 6.1 किलोमीटर अनिश्चित सीमा का भी सीमांकन किया जाएगा.

भारत और बांग्लादेश के बीच भूमि-सीमा समझौता 16 मई, 1974 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर रहमान के बीच हुआ था. बांग्लादेश की संसद 'जातीय संसद' ने इसे तत्काल मंजूरी दे दी थी.

भूमि समझौते के संधि पत्र पर दोनों पक्षों ने छह सितंबर, 2011 को हस्ताक्षर किए थे. भारत में जिन चार राज्यों की भूमि अदला-बदली की जाएगी, उनमें असम, मेघालय, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल शामिल हैं.

बांग्लादेश में 111 भारतीय कॉलोनियों में कुरीग्राम जिले में 12, नीलफामरी में 59 और पन्हागर में 36 शामिल हैं.

भारतीय कॉलोनियों में करीब 37 हजार लोग रहते हैं, वहीं बांग्लादेशी कॉलोनियों में 14 हजार लोग रहते हैं. समझौते के मुताबिक इन कॉलोनियों के लोगों को नागरिकता चुनने का विकल्प होगा. वे चाहें तो दोनों में से किसी एक देश की नागरिकता ले सकते हैं.

दोनों देशों के बीच समुद्री सीमा का निपटारा पहले ही हो चुका है. द हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने सात जुलाई, 2014 को दोनों देशों के बीच समुद्री सीमा की रूपरेखा पेश की थी.

मोदी दो-दिवसीय दौरे पर शनिवार को बांग्लादेश पहुंचे हैं. उनका हसीना ने हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर स्वागत किया.

मोदी ने आगमन के बाद राष्ट्रीय शहीद स्मारक का दौरा कर उन जवानों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संघर्ष में बलिदान दिया था.

भारतीय प्रधानमंत्री ने इसके बाद बंगबंधु स्मारक संग्रहालय का दौरा किया और बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजिबुर रहमान को श्रद्धांजलि अर्पित की.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in