पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

सिर्फ उद्योगपतियों के अच्छे दिन आए: राहुल

सिर्फ उद्योगपतियों के अच्छे दिन आए: राहुल

रायपुर. 16 जून 2015
 

rahul gandhi

मंगलवार को रायपुर पहुँचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पदयात्रा के समापन के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को निशाना बनाया.

राहुल ने कहा कि आम चुनाव में 'अच्छे दिन' का नारा दिया गया था. अब लोग ही बताएं कि किसके अच्छे दिन आए और किसके बुरे दिन आए. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के तो निश्चित ही बुरे दिन आए हैं. उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल उद्योगपतियों का ही विकास कर रही है.

राहुल गांधी ने कहा कि पिछले चुनाव में केवल विकास की बात की गई, लेकिन विकास हुआ कहां?

डभरा में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि गरीबों की जमीन छीनकर अमीरों को देना क्या विकास है. उन्होंने कहा, "हमें ऐसा विकास नहीं चाहिए और न ही हम ऐसा होने देंगे. यदि विकास करना हो तो गरीबों ए आदिवासियों को साथ लेकर विकास करना होगा. गरीबों के समग्र विकास की ओर किसी का ध्यान नहीं है. आप इंडिया शाइनिंग या कुछ भी कहें हमें ऐसा विकास नहीं चाहिए."

राहुल गांधी ने कांग्रेस की सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, साथ ही मनरेगा का भी जिक्र किया और कहा कि विकास में सबकी भागीदारी होनी चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहनावे का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि वे कीमती सूट उतारकर यहां आएं और देखें कि क्या विकास हुआ है.
 

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

raam pandeya [raam.pandeya@gmail.com] usa - 2015-06-17 01:46:39

 
  बहुत सही बयान. विकास महज नारा था वह भी विकासमंद पूंजीपतियों के लिए न कि गरीबों के लिए. 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in