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सिस्टर निर्मला का निधन

सिस्टर निर्मला का निधन

कोलकाता. 23 जून 2015
 

सिस्टर निर्मला

समाज सेवी संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सुपीरियर जनरल और मदर टेरेसा की उत्तराधिकारी सिस्टर निर्मला का मंगलवार को निधन हो गया. वह 81 वर्ष की थीं. मिशनरीज ऑफ चैरिटी की संस्थापक मदर टेरेसा के मार्च 1997 में सुपीरियर जनरल का पद छोड़ने के बाद सिस्टर निर्मला ने यह पदभार संभाला था.

सिस्टर निर्मला 24 मार्च, 2009 तक संस्था की संचालक रहीं. उनके बाद सिस्टर प्रेमा ने संस्था के संचालन की जिम्मेदारी संभाली थी.

सिस्टर निर्मला के निधन के बारे में जानकारी देते हुए मदर हाउस के एक सूत्र ने बताया, "वह (सिस्टर निर्मला) कुछ समय से बीमार थीं. सियालदह स्थित कानवेंट में रात 12.05 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली." उनका अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा.

सिस्टर निर्मला के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साथ कई बड़ी हस्तियों ने दुख जताया है. श्री मोदी ने शोक जताते हुए कहा, " सिस्टर निर्मला का जीवन समाज सेवा और गरीब एवं बेसहारा लोगों की देखभाल के लिए समर्पित था. उनके निधन से दुखी हूं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें."

झारखंड की राजधानी रांची में एक नेपाली ब्राह्मण परिवार में 1934 में जन्मी निर्मला जोशी ने 17 साल की उम्र में ईसाई धर्म अपना लिया था और मदर टेरेसा के समाज सेवा के कार्यो से प्रभावित होकर मिशनरीज ऑफ चैरिटी का हिस्सा बन गईं. राजनीति विज्ञान में एम. ए. और प्रशिक्षित वकील सिस्टर निर्मला ने 1976 में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की चिंतन शाखा की शुरुआत की और वह 1997 तक इसकी अध्यक्ष रहीं.

सिस्टर निर्मला को देश सेवा के कार्य के लिए 2009 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मविभूषण से नवाजा गया था.

 


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