पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

व्यापम: आप ने लगाए पीएम पर आरोप

व्यापम: आप ने लगाए पीएम पर आरोप

भोपाल. 11 जुलाई 2015
 

संजय सिंह

आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश का व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाला देश का सबसे बड़ा खूनी घोटाला है. इसमें अब तक 48 मौतें हो चुकी हैं, मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौन हैं, जिसका मतलब यह है कि वे बड़ी मछलियों को बचाना चाहते हैं.

व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद आम आदमी पार्टी ने शनिवार को राजधानी भोपाल की सड़कों पर प्रदर्शन किया. आप ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व राज्यपाल रामनरेश यादव का इस्तीफा मांगा.

लिली टॉकीज चौराहे पर हुई सभा में संजय सिंह ने कहा, "इस घोटाले में शिवराज सिंह चौहान के मंत्री, निजी सहायक, राज्यपाल लिप्त हैं, शिवराज सिंह ने जो सीबीआई की जांच खुद करवाने का ढिंढोरा पीटा है सही मायने में यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हुआ है. इस खूनी घोटाले की जांच तब तक सही तरीके से नहीं हो सकती जब तक मुख्यमंत्री और राज्यपाल अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते."

प्रदर्शन के अंत में आम आदमी पार्टी की ओर से मांग की गई कि व्यापमं घोटाले की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस्तीफा दें. व्यापमं घोटाले और इस घोटाले में हुई मौतों की सीबीआई जांच सर्वोच्च न्यायालय के अधीन हो. केंद्र सरकार तत्काल राज्यपाल को बर्खास्त करे.

आप ने मांग की है कि व्यापमं जैसे डीमेट घोटाले की जांच भी सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई द्वारा की जाए. व्यापमं और डीमेट घोटाले के कारण प्रभावित हजारों योग्य छात्रों को चिन्हित कर उन्हें पढ़ाई के विकल्प के साथ उचित भरपाई देते हुए उनकी आजीविका सुनिश्चित की जाए.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in