पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

मानव मन और शहर का जल-थल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >खेल > Print | Share This  

सानिया-हिंगिस ने जीता विंबलडन खिताब

सानिया-हिंगिस ने जीता विंबलडन खिताब

विंबलडन. 12 जुलाई 2015
 

सानिया हिंगिस

सर्वोच्च विश्व वरीयता प्राप्त महिला युगल खिलाड़ी भारत की सानिया मिर्जा ने स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ ग्रास कोर्ट ग्रैंड स्लैम विंबलडन का महिला युगल खिताब जीत लिया. सानिया का किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में यह पहला महिला युगल खिताब है.

शनिवार की रात ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर हुए महिला युगल वर्ग के फाइनल में शीर्ष वरीय सानिया-मार्टिना की जोड़ी ने एकातेरिना मकारोवा और एलेना वेस्निना की शीर्ष वरीय रूसी जोड़ी को दो घंटे 25 मिनट चले मुकाबले में 5-7, 7-6(4), 7-5 से मात दे दी.

वैसे सानिया इससे पहले मिश्रित युगल वर्ग में तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकी हैं और इससे पहले वह सिर्फ एक बार (2011) किसी ग्रैंड स्लैम (फ्रेंच ओपन) के महिला युगल वर्ग के फाइनल तक का सफर तय कर सकी थीं.

विंबलडन में इससे पहले सानिया रूस की एलिसा क्लेबानोवा के साथ 12 वर्ष पहले बालिक युगल वर्ग का खिताब जीत चुकी हैं. दूसरी ओर सानिया की पार्टनर मार्टिना इससे पहले विंबलडन में दो बार (1996, 1998) महिला युगल वर्ग और एक बार 1997 में महिला एकल खिताब जीतने में सफल रही हैं.

सानिया-मार्टिना को पहले ही सेट में हार झेलनी पड़ी, हालांकि दूसरे सेट में संघर्षपूर्ण वापसी करते हुए शीर्ष वरीय जोड़ी ने टाई ब्रेकर में जीत हासिल कर मैच को 1-1 से बराबरी पर ला दिया.

रूसी जोड़ी ने तीसरे एवं निर्णायक सेट में आक्रामक शुरुआत की. सानिया-मार्टिना की जोड़ी जब तक संभल पाती मकारोवा-वेस्निना ने तीसरे सेट में 5-2 की बढ़त हासिल कर ली. इसके बाद हालांकि भारतीय-स्विस जोड़ी ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए शानदार वापसी की और सेट 5-5 से बराबरी पर ला दिया.

इसके बाद कम रोशनी के कारण खेल रोकना पड़ा और 10 मिनट के विश्राम के बाद कृत्रिम रोशनी में मैच फिर से शुरू हुआ. सानिया-मार्टिना ने यहां से मैच पर अपना दबदबा दिखाया और अगले दो गेम जीतते हुए खिताब पर कब्जा कर लिया.

मैच के बाद सानिया ने कहा, "इस तरह के मैच में जिसमें शीर्ष और दूसरी वरीय खिलाड़ी खेल रहे हों, टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ मैचों में से है. अविश्वसनीय रूप से यहां खेलना रोमांचक रहा. मुझे पूरी उम्मीद है कि इसे देखना भी उतना ही रोमांचक रहा होगा."
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in