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सानिया-हिंगिस ने जीता विंबलडन खिताब

सानिया-हिंगिस ने जीता विंबलडन खिताब

विंबलडन. 12 जुलाई 2015
 

सानिया हिंगिस

सर्वोच्च विश्व वरीयता प्राप्त महिला युगल खिलाड़ी भारत की सानिया मिर्जा ने स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ ग्रास कोर्ट ग्रैंड स्लैम विंबलडन का महिला युगल खिताब जीत लिया. सानिया का किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में यह पहला महिला युगल खिताब है.

शनिवार की रात ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर हुए महिला युगल वर्ग के फाइनल में शीर्ष वरीय सानिया-मार्टिना की जोड़ी ने एकातेरिना मकारोवा और एलेना वेस्निना की शीर्ष वरीय रूसी जोड़ी को दो घंटे 25 मिनट चले मुकाबले में 5-7, 7-6(4), 7-5 से मात दे दी.

वैसे सानिया इससे पहले मिश्रित युगल वर्ग में तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकी हैं और इससे पहले वह सिर्फ एक बार (2011) किसी ग्रैंड स्लैम (फ्रेंच ओपन) के महिला युगल वर्ग के फाइनल तक का सफर तय कर सकी थीं.

विंबलडन में इससे पहले सानिया रूस की एलिसा क्लेबानोवा के साथ 12 वर्ष पहले बालिक युगल वर्ग का खिताब जीत चुकी हैं. दूसरी ओर सानिया की पार्टनर मार्टिना इससे पहले विंबलडन में दो बार (1996, 1998) महिला युगल वर्ग और एक बार 1997 में महिला एकल खिताब जीतने में सफल रही हैं.

सानिया-मार्टिना को पहले ही सेट में हार झेलनी पड़ी, हालांकि दूसरे सेट में संघर्षपूर्ण वापसी करते हुए शीर्ष वरीय जोड़ी ने टाई ब्रेकर में जीत हासिल कर मैच को 1-1 से बराबरी पर ला दिया.

रूसी जोड़ी ने तीसरे एवं निर्णायक सेट में आक्रामक शुरुआत की. सानिया-मार्टिना की जोड़ी जब तक संभल पाती मकारोवा-वेस्निना ने तीसरे सेट में 5-2 की बढ़त हासिल कर ली. इसके बाद हालांकि भारतीय-स्विस जोड़ी ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए शानदार वापसी की और सेट 5-5 से बराबरी पर ला दिया.

इसके बाद कम रोशनी के कारण खेल रोकना पड़ा और 10 मिनट के विश्राम के बाद कृत्रिम रोशनी में मैच फिर से शुरू हुआ. सानिया-मार्टिना ने यहां से मैच पर अपना दबदबा दिखाया और अगले दो गेम जीतते हुए खिताब पर कब्जा कर लिया.

मैच के बाद सानिया ने कहा, "इस तरह के मैच में जिसमें शीर्ष और दूसरी वरीय खिलाड़ी खेल रहे हों, टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ मैचों में से है. अविश्वसनीय रूप से यहां खेलना रोमांचक रहा. मुझे पूरी उम्मीद है कि इसे देखना भी उतना ही रोमांचक रहा होगा."
 


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