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भारतीय रिज़र्व बैंक ने ब्याज दरें में बढोत्तरी की

भारतीय रिज़र्व बैंक ने ब्याज दरें में बढोत्तरी की

नई दिल्ली. 20 अप्रैल 2010

भारतीय रिज़्रव बैंक (आरबीआई) ने देश में महंगाई को काबू में रखने एवं आर्थिक वृद्धि दर को बनाए रखने के लिए मंगलवार को घोषित मौद्रिक नीति में रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट और कैश-रिज़र्व-रेश्यो (सीआरआर) में 25 आधार अंकों यानी 0.25 फीसदी की वृद्धि की घोषणा की है. रिज़्रव बैक द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो रेट में की गयी वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है जबकि सीआरआर में वृद्धि 24 अप्रैल से प्रभावी होगी. इस घोषणा से रेपो रेट 5.75 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.75 फीसदी हो गए हैं.

रिज़र्व बैंक के इस फैसले से बैंको को सरकारी प्रतिभूतियों में पहले से अधिक निवेश करना होगा जिसके फलस्वरूप सभी प्रकार की ब्याज दरों में वृद्धि होगी. ऐसी स्थिति में मुद्रा बाज़ार से नकदी कम हो जाएगी और माँग घटेगी जिससे कीमतों पर अंकुश लगाया जा सकेगा. आरबीआई के इस फैसले के बाद भी बैंको ने कॉमर्शियल व पर्सनल लोन की ब्याज दरों में वृद्धि से इनकार किया है. बैंको का कहना है कि वह इस वृद्धि का बोझ फिलहाल उपभोक्ता पर नहीं डालेंगे क्योंकि अभी बैंकिंग तंत्र में नकदी की कोई तंगी नहीं है.


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