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निजी कंपनियां करेंगी स्टेशनों का विकास

निजी कंपनियां करेंगी स्टेशनों का विकास

नई दिल्ली. 16 जुलाई 2015
 

मोदी

सरकार ने निजी कंपनियों के सहयोग से देश के कुल 7,172 में से 400 रेलवे स्टेशनों को फिर से विकसित करने का फैसला लिया है.

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय बैठक में 400 स्टेशनों को फिर से विकसित करने का फैसला लिया गया.

बयान के अनसार जिन स्टेशनों का फिर से विकास किया जाएगा, उन्हें ए-1 और ए श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है. ये महानगरों, बड़े शहरों, तीर्थस्थलों और बड़े पर्यटन केंद्रों के स्टेशन हैं. इच्छुक कंपनियों को स्टेशनों के डिजाइन और कारोबारी योजना पेश करनी होगी.

बयान में कहा गया है, "चूंकि भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (आईआरएसडीसी) कुछ ही स्टेशनों का विकास कर पाती है, इसलिए इच्छुक पार्टियों से खुली बोली आमंत्रित कर स्टेशनों का विकास करने का प्रस्ताव रखा गया है."

इसके अनुसार रेलवे अकेले इन स्टेशनों का फिर से विकास नहीं कर सकता, क्योंकि उसके पास नकदी काफी अधिक नहीं है. उसकी कुल कमाई का 91.8 फीसदी वापस खर्च हो जाता है. निजी कंपनियों के आने से स्टेशनों के विकास के लिए जरूरी धन मिलेगा और तकनीकी विशेषज्ञता आएगी.

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने फरवरी में रेल बजट पेश करते हुए निजी कंपनियों के सहयोग से स्टेशनों का आधुनिकीकरण करने का संकेत दिया था.

ताजा फैसले की खास बात यह है कि इसमें निजी कंपनियों को स्टेशन के इर्द-गिर्द स्थित रियल एस्टेट का वाणिज्यिक दोहन करने की भी अनुमति दी गई है.


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