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भाजपा-कांग्रेस का हंगामा, संसद बाधित

नई दिल्ली. 22 जुलाई 2015
 

parliament

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने बुधवार को एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. इस दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बाधित हुई.

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सरकार पर हमला किया, जिस कारण मानसून सत्र के दूसरे दिन लोकसभा तथा राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ.

सरकार ने ललित मोदी से संबंधों के मामले में सुषमा तथा राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और व्यावसायिक परीक्षा मंडल घोटाले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग नामंजूर कर दी.

भ्रष्टाचार के आरोपों के जवाब में भाजपा ने भी मोर्चा खोल लिया और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत तथा उनके करीबी सहयोगियों पर शराब से जुड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाया तथा रावत के इस्तीफे की मांग की.

रावत ने आरोपों को खारिज कर दिया, लेकिन कांग्रेस ने कहा कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई है और इस मामले की समयबद्ध जांच की जाएगी.
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और वीरप्पा मोइली ने ललित प्रकरण पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसे अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने खारिज कर दिया.

कांग्रेस, वाम दलों सहित सभी विपक्षी दलों के नेता अध्यक्ष की आसंदी के नजदीक जमा हो गए और उन्होंने तख्तियां लहराई, जिनपर मोदी से ललित तथा व्यापमं घोटाले में चुप्पी तोड़ने की मांग लिखी हुई थी.

महाजन ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर तक, फिर अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी. इसके बाद उपाध्यक्ष एम.थम्बीदुरई ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी.

संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में भी ऐसा ही हंगामा देखा गया, जहां विपक्ष सुषमा, राजे और शिवराज के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ था.

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम सिर्फ चर्चा नहीं कार्रवाई चाहते हैं. इस मुद्दे पर विपक्ष एकजुट दिखा.
 


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