पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

संघर्ष को रचनात्मकता देने वाले अनूठे जॉर्

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राष्ट्र > Print | Share This  

कश्मीर में पाकिस्तानी चरमपंथी गिरफ्तार

कश्मीर में पाकिस्तानी चरमपंथी गिरफ्तार

श्रीनगर. 5 अगस्त 2015. बीबीसी
 

चरमपंथई

भारतीय सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि बुधवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) के काफिले पर हमला करने वाले एक चरमपंथी को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

बुधवार को उधमपुर में बीएसएफ़ की टुकड़ी पर एक चरमपंथी हमला हुआ था जिसमें दो जवान मारे गए थे और पाँच घायल हुए थे. सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में एक चरमपंथी की भी मौत हो गई है.

इस चरमपंथी ने पास ही के एक गाँव में स्थित एक स्कूल में तीन लोगों को बंधक बना लिया था. समाचार एजेंसी पीटीआई ने उधमपुर के उपायुक्त शाहिद इक़बाल के हवाले से कहा है कि सेना और पुलिस के संयुक्त अभियान में इस चरमपंथी को गिरफ़्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि सभी बंधकों को मुक्त करा लिया गया है और अभियान खत्म हो गया है.

जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक दानिश राणा ने एक समाचार चैनल को बताया कि पकड़ा गया चरमपंथी पाकिस्तान के फ़ैसलाबाद का रहने वाला है. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, “दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन तीन निहत्थे लोगों ने उसे (चरमपंथी) पकड़ा, उन्हें इसका श्रेय नहीं दिया जा रहा है.”

जम्मू-पुलिस के आईजी दानिश राणा ने कहा, ''चरमपंथी खेतों में छिपे हुए थे और वहां से उन्होंने बीएसएफ़ के दस्ते पर फ़ायरिंग की.'' उन्होंने आगे बताया, ''अमरनाथ यात्रा के लिए यात्रियों और सेना का दस्ता निकल चुका था. इसके बाद बीएसएफ़ का दस्ता निकलने ही वाला था कि उस पर यह हमला हुआ.''

हमले के तुरंत बाद बीएसएफ़ के जवानों ने इलाक़े की घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की.

जम्मू-श्रीनगर हाईवे हमेशा से ही चरमपंथियों के निशाने पर रहा है. यह हाईवे श्रीनगर को बाक़ी देश से जोड़ता है और सुरक्षाबल भी यहीं से गुज़रते हैं ऐसे में यह हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in