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मप्र से ज्यादा बेइमानियां दूसरे प्रदेशों में: शिवराज

मप्र से ज्यादा बेइमानियां दूसरे प्रदेशों में: शिवराज

भोपाल. 13 अगस्त 2015
 

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मध्य प्रदेश में हुए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले को लेकर अपनी सरकार पर उठ रहे सवालों का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बचाव करते हुए कहा है कि दूसरे राज्यों में तो मध्य प्रदेश से कई गुना ज्यादा बेईमानियां हुई हैं.

अलिराजपुर में आयोजित नर्मदा नदी उद्वहन सिंचाई परियोजना के भूमि पूजन समारोह में शिवराज ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के काल में तो मनमर्जी से नियुक्तियां हो जाती थीं, योग्यता की बजाय अपनों को नौकरी दे दी जाती थी, तब भर्ती की कोई पारदर्शी व्यवस्था नहीं थी, भाजपा सरकार ने भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया.

शिवराज ने आगे कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए उनकी सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई. बीते वर्षो में एक करोड़ सात लाख परीक्षाथियों ने व्यापमं के जरिए परीक्षा दी, उनमें से तीन लाख 54 हजार का चयन हुआ, इसमें पीएमटी भी शामिल है.

उन्होंने कहा, "इनमें से कुल 1641 चयन में ही गड़बड़ी पाई गई. मगर इस पर हो-हल्ला ऐसे मचाया जा रहा है, जैसे सारी भर्ती ही गड़बड़ हुई हो. दूसरे राज्यों में तो मध्य प्रदेश से कई गुना ज्यादा बेईमानी हुई है. हमने क्या अपराध किया? जो गड़बड़ी हुई है, उसे सामने ला दिया."

कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत मध्य प्रदेश को पूरी दुनिया में बदनाम किया जा रहा है. यहां का जो भी छात्र बाहर जाएगा, उसे संदेह की नजर से देखा जाएगा. इस तरह प्रचारित किया जा रहा है, जैसे यहां सब बेईमान हों.
 


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