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शांति यात्रा में शामिल होंगी नामचीन हस्तियां

शांति यात्रा में शामिल होंगी नामचीन हस्तियां

रायपुर. 21 अप्रैल 2010


माओवादियों और राज्य द्वारा किये जा रहे हिंसा के मुद्दे पर आगामी 5 मई को छत्तीसगढ़ के रायपुर से बस्तर के दंतेवाड़ा तक एक शांति यात्रा का आयोजन किया जा रहा है. आज़ादी बचाओ आंदोलन के बनवारी लाल शर्मा के अनुसार पूर्वी इलाके, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, झारखंड और विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ में राज्य और माओवादियों द्वारा किये जा रहे हिंसा में गरीब लोग विशेष कर आदिवासी मारे जा रहे हैं. देश भर में शांति और अंहिसा में विश्वास करने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अभी क्या किया जाये ? ऐसे में एक सामूहिक राय बनी है कि शांति और अहिंसा में आस्था रखने वाले देश के 50 प्रतिबद्ध लोग एक शांति यात्रा में अपनी सहभागिता निभायें.

श्री शर्मा के अनुसार 5 मई को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से प्रस्तावित इस शांति यात्रा में भाग लेने के लिये अभी तक प्रसिद्ध शिक्षाविद् और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल, बॉयोसाइंटिस्ट डॉ. पी एम भार्गव, प्रसिद्ध गांधीवादी और गुजरात विद्यापीठ के चांसलर नारायण देसाई, सुप्रसिद्ध पत्रकार कुलदीप नैयर, दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजेंद्र सच्चर, सर्वोदयी कार्यकर्ता अमरनाथ भाई और लावणम, गांधी शांति प्रतिष्ठान की अध्यक्ष राधा बहन, शिक्षाविद् प्रोफेसर अनिल सद्गोपाल, इतिहासकार और शहीद भगत सिंह के भांजे प्रोफेसर जगमोहन सिंह, मैगसेसे पुरस्कार विजेता अरविंद केजरीवाल ने अपनी सहमति दी है.

इसके अलावा जस्टिस पी वी सावंत, जस्टिस चंद्रशेखर धर्माधिकारी, अभिनेता गिरीश कर्नाड, शबाना आजमी, जावेद अख्तर, महेश भट्ट, अरुणा राय, गुलजार, अनंतमूर्ति, पत्रकार हरिवंश, एच के दुआ, सोली सोराबजी, मेधा पाटकर, डाक्टर मोहिनी गिरी, वंदना शिवा समेत देश के कई जानेमाने सामाजिक कार्यकर्ता इस शांति यात्रा में भाग ले सकते हैं.
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इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

sunderlohia (lohiasunder2@gmail.com) mandi himachal pradesh

 
 Intellectuals shall have to act as torch bearers to the politicians said hindi novelist Premchand. They shall have to show the path to the so called leaders.We have a duty to save the democracy , may be a bourgeoisie one. 
   
 

vinod () jodhpur

 
 इन नामों के साथ महेश भट्ट... कुछ समझ में नहीं आया. खैर, ये सुखद शुरुवात होगी. आगे भी रास्ता निकल सकता है. 
   
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