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फोर्ब्स की सूची में 56 भारतीय कंपनियां

फोर्ब्स की सूची में 56 भारतीय कंपनियां

न्यूयार्क. 22 अप्रैल 2010

भारत की 56 कंपनियों को अमरीकी पत्रिका फोर्ब्स ने दुनिया की 2000 शक्तिशाली कंपनियों में शामिल किया है. दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनी के रुप में पहला स्थान अमरीकन बैंक जेपी मोर्गन चेस को दिया गया है. दूसरे और तीसरे क्रम में जनरल इलेक्ट्रिक और एक्सोन मोबिल का नाम शामिल है.

फोर्ब्स द्वारा जारी सूची के अनुसार दुनिया की 2000 तकतवर कंपनियों में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज 126वें नंबर पर है, जबकि भारतीय स्टेट बैंक को 130वां स्थान मिला है.इसी तरह ओएनजीसी (155), आईसीआईसीआई बैंक(282), इंडियन आयल(313), एनटीपीसी (341),टाटा स्टील (345),भारती एयरटेल (471),भारतीय इस्पात प्राधिकरण (502), लार्सन एंड टुब्रो (548), एचडीएफसी बैंक (632), पंजाब नेशनल बैंक (695),टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (741),एचडीएफसी (783), इंफोसिस (807), डीएलएफ (923) और हीरो होंडा मोटर्स (1571) क्रम पर हैं.

फोर्ब्स की इस विश्व रैंकिंग में 62 देशों को शामिल किया गया है,जिसमें अमरीका की 515 और जापान की 210 कपनियां इस सूची में बढ़त बनाये हुये हैं.

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इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

shiv () bastar

 
 फोर्ब्स की सूची पर गौर करें. भारत की ताकतवर कंपनियों में जहां रिलायंस, भारती एयरटेल जैसी टेलीकॉम सेक्टर की प्राइवेट कंपनियां आगे आई हैं, वहीं बैंकों में एसबीआई के बाद आईसीआईसीआई, एचडीएफसी ने जगह बना रखी है.

पब्लिक सेक्टर को कछुआ सिद्ध करते हुए प्राइवेट सेक्टर ने खरगोश की सी छलांग लगा के मज़बूत उपस्थिति दर्ज की है. कारण सोचने की ज़रूरत ही नहीं. पहले टेलीकॉम को लीजिए. आज से 15 साल पहले तक एक टेलीफोन कनेक्शन लेने में पसीना निकल आता था. उसके बाद फोन का अक्सप मृत हो जाना. रुपया सुंघाते ही होश में आ जाना. ऊंघते, पान चबाते, बाबू आप से पूरी बोशर्मी से छोटी-छोटी रिश्वतें मांगते क्लर्क थे. यही हाल रहता. बिल्कुल आज भी. अगर टेलीकॉम सेक्टर में ये क्रांति ना आई होती.

आज रिक्शा वाला, सब्जी वाला, कामवाली भी मोबाइल रख के चलते हैं. अब तो फोन खराब होता है, तुरंत ठीक करने कर्मचारी हाज़िर होते हैं. सुखद ये है कि वो आज से खर्चा पानी भी नहीं मांगते हैं. कुछ तो हुआ वरना तो कछुआ चाचा अकेले चल रहे थे. हां ये है कि अब शर्मा-शर्मी में उन्होंने भी कमर कसी है. फिर भी... की भी दुम कब सीधी हुई है.
 
   
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