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पीएम को भेजे गए एक लाख डीएनए सैंपल

पटना. 4 सितंबर 2015
 

नीतीश

बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) ने 'शब्द वापसी' अभियान के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 'डीएनए' सैंपल के रूप में इकट्ठा किए गए नाखूनों और बाल को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेजना शुरू कर दिया है.

पार्टी के प्रदेश कार्यालय से अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने शुक्रवार को एक लाख डीएनए सैंपल की पहली खेप को दिल्ली रवाना किया. सैंपल को कई डब्बों में रखकर पटना मुख्य डाकघर (जीपीओ) लाया गया, जहां से निबंधित डाक द्वारा प्रधानमंत्री के आवासीय कार्यालय के लिए भेजा गया.

प्रदेश जदयू अध्यक्ष ने कहा कि बिहारवासियों के डीएनए सैंपल 15 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री को लगातार भेजे जाएंगे. 50 लाख लोगों के नाखून और बाल के सैंपल भेजे जाने की योजना है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करता है. अगर कोई उसका मजाक उड़ाता है तो वह पूरे बिहारवासियों का अपमान होता है. उन्होंने कहा कि अब बिहारियों के डीएनए की जांच प्रधानमंत्री खुद करवा सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जुलाई को मुजफ्फरपुर में आयोजित भाजपा की 'परिवर्तन रैली' में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक 'डीएनए' पर टिप्पणी की थी. इसका विरोध करते हुए जद (यू) ने प्रधानमंत्री से बयान वापस लेने का अनुरोध किया था.

प्रधानमंत्री द्वारा बयान वापस नहीं लिए जाने के बाद पार्टी ने 'शब्द वापसी अभियान' के तहत लोगों से बाल और नाखून एकत्र कर डीएनए जांच के लिए प्रधानमंत्री को भेजने का निर्णय लिया था, जिसे अब कार्यरूप दिया जा रहा है.
 


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