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नक्सली बातचीत के लिए आगे आएं

नक्सली बातचीत के लिए आगे आएं- पाटिल

 

रायपुर.12 मई 2008

भारत के गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि नक्सली हमारे ही बिगड़े हुए भाई हैं. वे जो चाहते हैं, हम देने के लिए तैयार हैं, मगर उनके मांगने का तरीका सही नहीं है.

 

उन्होंने कहा कि नक्सली बंदूक के सहारे अपनी बात मनवाने की कोशिश न करें, वे बात करने सामने आएं. नक्सलियों को यह समझना चाहिए कि देश की 99 प्रतिशत आबादी शांतिप्रिय है.


छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए शिवराज पाटिल ने साफ कहा कि नक्सलियों के खिलाफ रमन सरकार द्वारा चलाए जा रहे सलवा जुड़ूम को लेकर रमन सरकार स्वतंत्र है. वह चाहे तो यह अभियान जारी रख सकती है.


श्री पाटिल ने कहा कि नक्सल समस्या पर केंद्र की स्पष्ट नीति है. राज्य सरकार समस्या के निदान के लिए जितने भी उपाय कर रही है, केंद्र सरकार उसमें मदद करेगी.

 

उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित 10 राज्यों की पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 16 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र में पुलिस की संख्या दोगुनी हो गई है. आंध्रप्रदेश में भी 35 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती की जा रही है.


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