पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

मुलायम के खिलाफा एफआईआर का निर्देश

मुलायम के खिलाफ एफआईआर का निर्देश

लखनऊ. 16 सितंबर 2015
 

मुलायम सिंह यादव

लखनऊ के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बुधवार को आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा दायर एक शिकायत स्वीकार कर ली और पुलिस को निर्देश दिया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह के खिलाफ उचित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए.

सीजेएफ सोम प्रभा मिश्रा ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी ठाकुर का आवेदन स्वीकार कर लिया और हजरतगंज पुलिस थाने को निर्देश दिया कि एक प्राथमिकी दर्ज की जाए. ठाकुर ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि यादव ने 10 जुलाई को उन्हें फोन पर धमकी दी थी.

सीजेएफ ने यह निर्देश भी दिया कि मामले की जांच की जाए और उसकी रपट न्यायालय में पेश की जाए.

अदालत के आदेश से पहले ठाकुर के वकील अखिलेश कुमार अवस्थी ने जसराना मामले से संबंधित प्राथमिकी और आरोप-पत्र की प्रतियां पेश की, जहां तत्कालीन विधायक रामवीर सिंह ने ठाकुर पर हमला किया था. ठाकुर उस समय फिरोजाबाद के पुलिस अधीक्षक थे.

ठाकुर ने जब से मुलायम के खिलाफ शिकायत दायर की है, तब से वह निलंबित चल रहे हैं और उनके खिलाफ कई जांच चल रही है. उन्होंने 11 जुलाई को हजरतगंज पुलिस थाने के निरीक्षक विजयमल सिंह यादव से संपर्क किया था और जब कथित रूप से उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो उन्होंने 23 जुलाई को लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश पांडेय से संपर्क किया था.

हजरतगंज के पुलिस निरीक्षक ने हालांकि 17 जुलाई को लिखे गए एक पत्र के माध्यम से ठाकुर को सूचित किया था कि उनकी शिकायत की जांच की गई और उसे सच नहीं पाया गया.

ठाकुर ने इस जांच को कानून के खिलाफ बताते हुए 31 जुलाई को सीजेएम के यहां एक आवेदन दायर किया था. अदालत ने दो बार पुलिस से इस मामले पर विवरण मांगे, लेकिन पुलिस ने मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in