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मुंबई बम विस्फोट: पाँच को फांसी

मुंबई बम विस्फोट: पाँच को फांसी

मुंबई. 30 सितंबर 2015
 

rbi

मुंबई की एक विशेष अदालत ने लोकल ट्रेन में 11 जुलाई, 2006 को हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों के मामले में दोषी ठहराए गए 12 अभियुक्तों में से पांच को बुधवार को मृत्युदंड सुनाया और बाकी सात को उम्रकैद की सजा सुनाई.

महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण विशेष कानून(मकोका) के न्यायाधीश वाई.डी. शिंदे ने 11 सितंबर को सभी दोषियों को मुंबई में 11 जुलाई, 2006 को हुए बम विस्फोटों से जुड़े मामले में दोषी पाया था. पश्चिमी रेलवे की उपनगरीय रेलगाड़ियों की सात बोगियों में हुए इन सिलसिलेवार बम विस्फोटों में 189 यात्रियों की जान गई थी, जबकि 817 लोग घायल हुए थे.

दोषी पाए गए कमाल ए. अंसारी (37), एहतेशाम सिद्दिकी (30), फैसल अताउर रहमान शेख (36), आसिफ खान उर्फ जुनैद (38) और नावेद हुसैन खान (30) को मृत्यदंड सुनाया गया है.

आजीवन कारावास की सजा पाने वाले सात अन्य दोषियों में तनवीर ए. अंसारी (37), मोहम्मद साजिद अंसारी (34), शेख मोहम्मद अली आलम शेख (40), मोहम्मद माजिद शफी (30), मुजम्मिल शेख (27), सोहेल मोहम्मद शेख (43) और जमीर अहमद शेख (36) शामिल हैं.

दोषियों की सजा पर करीब तीन सप्ताह तक चली बहस के दौरान विशेष लोक अभियोजक राजा ठाकरे ने 12 दोषियों में से आठ को 'मौत का सौदागर' बताकर उनके लिए मृत्युदंड की मांग की थी.

सुनवाई के बाद एक मात्र आरोपी शिक्षक अब्दुल वहीद शेख को मामले से बरी कर दिया गया, जबकि मुख्य आरोपी आजम चीमा, जो कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध है, उन 17 लोगों में शामिल है, जो फरार हैं. इन फरार 17 आरोपियों में 13 पाकिस्तानी नागरिक हैं.

सजा से स्तब्ध दोषियों के रिश्तेदारों ने कहा है कि वे इसके खिलाफ मुंबई उच्च न्यायालय में अपील करेंगे.

उम्रकैद की सजा पाए सात लोगों में से पांच ने पाकिस्तान में प्रशिक्षण लिया था. मोहम्मद माजिद शफी पाकिस्तानियों को बांग्लादेश सीमा से लाया था. मोहम्मद साजिद अंसारी ने बमों के लिए इलेक्ट्रिकल सर्किट उपलब्ध कराए थे.