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पंचायती राज से खत्म होगा नक्सलवाद: मनमोहन

पंचायती राज से खत्म होगा नक्सलवाद: मनमोहन

नई दिल्ली. 24 अप्रैल 2010

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना है कि नक्सलवाद जैसी समस्या से निपटने के लिए देश के पिछड़े और दूरदराज़ इलाकों में पंचायती राज संस्थाओं के प्रभावी ढंग से काम करने की आवश्यकता है. वे शनिवार को राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस के मौके पर राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि हमें आदिवासी बहुल, पिछड़े और दूरदराज़ इलाकों में पंचायती व्यवस्था का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर ग़रीबों और पिछड़े तबकों को समर्थ बनाना चाहिए.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पंचायतों का समाज में योगदान सिर्फ ग़रीब और पिछड़ों की सत्ता में भागीदारी मुमकिन करना ही नहीं है बल्कि सरकारी संस्थाओं और उनके कर्मचारियों के काम में पारदर्शिता और उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है. उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के 73वें संशोधन का ग्रामीण भारत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और इससे कमजोर तथा गरीब तबकों का सशक्तिकरण हुआ है.

पंचायत व्यवस्था में महिलाओं के योगदान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंचायत व्यवस्था में एक-तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षण के बाद ग्रामीण भारत में करीब 10 लाख महिलाएँ निर्वाचित प्रतिनधियों के तौर पर काम कर रही हैं जो कि बहुत अच्छी बात है. उन्होंने उम्मीद भी जताई कि पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं के लिए प्रस्तावित 50 प्रतिशत आरक्षण लागू होने से ये संख्या 14 लाख तक पहुँच जाएगी.

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sunderlohia (lohiasunder2Gmail.com) Mandi {Himachal Pradesh}

 
 We have to empower Panchayats to draw the road map of development in their Panchayat through peoples' planning at the ward level.For this to happen, we need political will. Words can express our wish but administrative action is required to implement the wish into a visible reality. 
   
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