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व्यापम से जुड़े एक और अधिकारी की मौत

व्यापम से जुड़े एक और अधिकारी की मौत

भोपाल. 17 अक्टूबर 2015
 

व्यापम

मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की कई परीक्षाओं के पर्यवेक्षक रहे भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी विजय बहादुर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उनका शव ओडिशा के झारसुगुडा में रेल पटरी पर पाया गया है. उनकी मौत को व्यापमं घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है.

विजय अपनी पत्नी नीता सिंह के साथ पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस से ओडिशा के पुरी से भोपाल लौट रहे थे. माना जा रहा है कि गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात लगभग 12 बजे वह चलती गाड़ी से गिर गए और उनकी मौत हो गई.

रेलवे पुलिस अधीक्षक (राउरकेला), करम सेय कंवर ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या प्रतीत होता है कि दुर्घटनावश चलती रेलगाड़ी से नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई. एसी बोगी में सफर करते समय विजय बहादुर चलती रेलगाड़ी से कैसे गिर गए, यह जांच का विषय है. अधिकारियों का कहना है कि विजय बहादुर की मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चल पाएगा.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि ट्रेन जब झारसुगुडा जंक्शन से 70 किलोमीटर दूर रायगढ़ स्टेशन पहुंच गई, तब विजय की पत्नी नीता ने टीटी को बताया कि उनके पति काफी देर बाद भी बोगी में नहीं लौटे हैं.

व्यापमं का नाम अब मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा बोर्ड (एमपीपीईबी) कर दिया गया है. घोटाले के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अब तक 80 प्राथमिकी दर्ज कर चुका है और 10 आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ शुरू कर दी है.

इस घोटाले से जुड़े लोगों की मौत का आंकड़ा 48 तक पहुंच चुका है.
 


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