पहला पन्ना >मुद्दा > Print | Share This  

असहिष्णुता के विरोध में सड़कों पर साहित्कार

असहिष्णुता के विरोध में सड़कों पर साहित्यकार

नई दिल्ली. 23 अक्टूबर 2015
 

लेखक

पिछले दिनों हुई लेखकों की हत्या और देश में बढ़ती असहिष्णुता के विरोध में 50 से अधिक साहित्यकारों के एक समूह ने दिल्ली की सड़कों पर उतरकर विरोध जताया. इसी विरोध के साथ ही भगवा बैनर लिए एक अन्य वर्ग ने भी प्रदर्शन किया और कहा कि निहित स्वार्थो की वजह से पुरस्कार लौटाया जा रहा है.

करीब 50 से अधिक साहित्यकारों ने साहित्य अकादमी की चुप्पी के विरोध में सफदर हाशमी मार्ग स्थित श्रीराम सेंटर से साहत्य अकादमी तक मौन जुलूस निकाला. इनकी मांग थी कि लेखकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध प्रकट करने के अधिकार की रक्षा की जाए.

उधर, भगवा बैनर वाले ज्वाइंट एक्शन ग्रुप ऑफ नेशनलिस्ट माइंडेड आर्टिस्ट एंड थिंकर्स (जनमत) ने विरोध प्रदर्शन किया और साहित्य अकादमी को ज्ञापन सौंपा तथा लेखकों की मंशा पर सवाल उठाए. इनका कहना था कि लेखक निहित स्वार्थो की वजह से पुरस्कार लौटा रहे हैं.

इन सबके बीच साहित्य अकादमी ने पिछले दिनों हुई लेखकों की हत्या की शुक्रवार को पहली बार निंदा की. अकादमी ने कहा कि विख्यात लेखक एम.एम. कलबुर्गी और कुछ अन्य बुद्धिजीवियों की कायरतापूर्ण हत्या से उसे 'गहरा दुख' पहुंचा है और वह इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है.

इस बीच साहित्य अकादमी ने भी लंबी चुप्पी के बाद हत्याओं की निंदा की और लेखकों से पुरस्कार वापस लेने की अपील की.  अकादमी ने संस्थान की चुप्पी से खफा होकर अपने पुरस्कार लौटाने वाले साहित्यकारों से अब अपना पुरस्कार वापस ले लेने की अपील की है.