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भारत-पाक एकता का प्रतीक गीता: प्रणब

भारत-पाक एकता का प्रतीक गीता: प्रणब

नई दिल्ली. 27 अक्टूबर 2015
 

pranab mukherjee

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एक दशक से अधिक समय पाकिस्तान में बिता कर स्वदेश लौटने वाली गीता को भारत-पाकिस्तान की एकता का प्रतीक बताया.

मंगलवार को दिल्ली में समय बिताने के बाद गीता को इंदौर ले जाया गया. वह इंदौर की एक स्वंयसेवी संस्था द्वारा संचालित मूक बधिर लोगों के संस्थान में रहेगी. प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में 23 साल की मूक-बधिर गीता से मुलाकात की और उसे आशीर्वाद दिया.

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, प्रणब ने गीता से कहा, "आप दोनों देशों की बेटी हैं, आप भारत-पाकिस्तान की एकता का प्रतीक हैं. भगवान ने आपकी प्रार्थनाओं को सुन लिया."

प्रणब ने पाकिस्तान में गीता का ध्यान रखने लिए ईदी संस्था और संस्था की बिलकीस बानो ईदी का आभार व्यक्त किया. गीता साल 2003 में गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गई थी. उस समय उसकी उम्र लगभग 11 वर्ष थी.

लाहौर में पाकिस्तान रेंजर्स ने गीता को देखा था और उन्होंने उसे ईदी संस्था को सौंप दिया था, जिसने अब तक उसकी देखभाल की. इस संस्था की संचालक बिलकीस ईधी ने उसका नाम गीता रखा था.

राष्ट्रपति और केजरीवाल से मुलाकात और मेट्रो के सफर के दौरान ईधी फाउंडेशन के सदस्य भी गीता के साथ थे.

गीता ने सोमवार को भारत पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सांकेतिक भाषा में बातचीत की थी. मोदी ने बिलकीस ईदी का आभार जताया. उन्होंने फाउंडेशन को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा भी की.

मोदी ने ट्वीट में कहा था, "ईदी ने जो किया है उसका कोई मोल नहीं हो सकता लेकिन मुझे एक करोड़ की राशि देने के ऐलान से खुशी महसूस हो रही है." मंगलवार को ईदी फाउंडेशन ने मोदी की आर्थिक मदद को लेने से विनम्रता से मना कर दिया.
 


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