पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राज्य >मध्यप्रदेश Print | Share This  

मंत्री ने बच्चे को लात मारी, सियासत गरमाई

मंत्री ने बच्चे को लात मारी, सियासत गरमाई

भोपाल. 2 नवंबर 2015
 

कुसुम महदेले

मध्य प्रदेश में पशु पालन मंत्री कुसुम महदेले द्वारा एक बच्चे को लात मारने के मामले से सियासत गरमा गई है.

मध्यप्रदेश की युवक कांग्रेस ने महदेले का पुतला फूंका है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है. आम आदमी पार्टी (आप) ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत की है और महदेले के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी.

इसके विपरीत राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंत्री के बचाव में उतर आई है.

सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा, "महदेले ने इस तरह की किसी घटना से इंकार किया है, और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उनसे बात करेंगे. इसके अलावा वीडियो की सत्यता का भी पता लगाया जाएगा कि कहीं उससे छेड़छाड़ तो नहीं हुआ है."

भाजपा के संवाद प्रमुख डॉ. हितेश वाजपेयी ने कहा, "पार्टी ने महदेले से बात की है. उन्होंने आरोप को नकारा है. वह वरिष्ठ महिला मंत्री हैं, लिहाजा उनकी बात पर विश्वास किया जाना चाहिए. वीडियो की भी जांच जरूरी है."

इस बीच महदेले ने सोमवार को पन्ना में संवाददाताओं से कहा कि वह स्वच्छता अभियान के बाद अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रही थीं, तब मीडिया के साथी ने उनसे बात की, और उसी दौरान एक आदमी उनके पैर पर गिरा. उसके बाद वह अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ गईं.

ज्ञात हो कि रविवार को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मंत्री महदेले एक बच्चे के सिर पर लात मारते दिखाई दे रही हैं.

महदेले पहले भी अपने बयानों से विवादों में रह चुकी हैं. पिछले दिनों दमोह जिले में किसानों की मौत पर उन्होंने बेतुका बयान दिया था. उन्होंने कहा था, "कोई किसान जवान बेटे की मौत पर आत्महत्या नहीं करता तो फसल के खराब होने पर कोई कैसे आत्महत्या कर सकता है, जबकि जवान बेटे की मौत का दुख फसल के नुकसान से बड़ा होता है."
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in