पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

पूर्व सैनिकों को सरकार ने धोखा दिया: केजरीवाल

वीरभद्र सिंह के खिलाफ मनी लॉंडरिंग का केस

शिमला. 15 नवंबर 2015.
 

वीरभद्र सिंह

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को मनी लांडरिंग का एक मामला दर्ज किया.

वीरभद्र के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा सितंबर में दर्ज एक आपराधिक मामले को संज्ञान में लेते हुए ईडी ने मनी लांडरिंग रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप लगाए हैं. सूत्रों ने कहा कि ईडी के जांचकर्ता दो दिनों के भीतर वीरभद्र और उनके संबंधियों से पूछताछ कर सकते हैं.

ईडी की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वीरभद्र और उनके परिवार के सदस्यों ने 2009 और 2011 के बीच आखिर कैसे ज्ञात स्रोतों से अधिक 6.1 करोड़ रुपये कथित तौर पर जमा कर लिए. इस अवधि के दौरान वीरभद्र केंद्रीय इस्पात मंत्री थे.

सीबीआई वीरभद्र, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, बीमा एजेंट आनंद चौहान और चौहान के भाई सी.एल. चौहान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत पहले ही एक प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है.

सीबीआई को संदेह है कि 2009-11 के दौरान वीरभद्र ने कथित तौर पर अपने और अपने परिवार के नाम जीवन बीमा पॉलिसियों में एजेंट चौहान के जरिए 6.1 करोड़ रुपये निवेश किया था. उन्होंने इस धनराशि को कृषि आय बताया था.

जांच एजेंसी का आरोप है कि वीरभद्र ने 2012 में नया आयकर रिटर्न दाखिल कर इस धनराशि को कृषि आय के रूप में वैध बनाने की कोशिश की थी.

सीबीआई का आरोप है, "नए आईटीआर में उनके द्वारा बताए गए कृषि आय को उचित नहीं पाया गया. तत्कालीन केंद्रीय मंत्री ने कथित रूप से आय के ज्ञात स्रोत से अधिक अन्य संपत्तियां जमा की थी."

सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद वीरभद्र और उनके परिवार से संबंधित विभिन्न परिसरों की तलाशी भी ली थी. सूत्रों ने कहा कि राज्य की राजधानी शिमला में स्थित ईडी कार्यालय दिल्ली स्थित एजेंसी मुख्यालय के सहयोग से मामले से निपटेगा.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in