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आतंकवाद को धर्म से अलग करना होगा: मोदी

आतंकवाद को धर्म से अलग करना होगा: मोदी

कुआलालंपुर. 22 नवंबर 2015
 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मलेशिया दौरे के दूसरे दिन 21वीं सदी को एशिया की सदी बनाने वाले पांच सिद्धांतों का खाका खींचा और आतंकवाद का सामना करने के लिए नए वैश्विक संकल्प का आह्वान किया.

मोदी ने मलेशिया दौरे के दूसरे दिन 10वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में कहा, "पेरिस, अंकारा, बेरूत, माली में हुए बर्बर आतंकवादी हमले और रूस के विमान को गिराया जाना (पिछले माह मिस्र के सिनाई प्रांत में) इस बात के साफ संकेत हैं कि आतंकवाद की परछाई हमारे समाज और हमारी दुनिया पर फैल गई है, चाहे बात आतंकवादी संगठनों में भर्ती को लेकर हो या फिर निशानों को लेकर."

मोदी ने कहा, "हमें आतंकवाद को राजनीतिक विचार के पलड़े में तौले बिना इससे लड़ने के लिए नए वैश्विक संकल्प और नई रणनीति तैयार करनी चाहिए."

मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि किसी भी देश को आतंकवाद का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और न उसे समर्थन देना चाहिए. उन्होंने कहा, "मैं आतंकवाद को धर्म से अलग करने की प्रतिबद्धता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाले प्रयासों का स्वागत करता हूं."

मोदी ने 21वीं सदी को एशिया की सदी बनाने के लिए पांच सिद्धांतों का खाका भी खींचा. उन्होंने कहा, "सबसे पहले सुरक्षा सहयोग को लेकर ऐसे क्षेत्रीय ढांचे का समर्थन करें, जो समावेशी, संतुलित, पारदर्शी व सार्वजनिक हो."

उन्होंने कहा, "दूसरा, समुद्र शांति एवं समृद्धि का मार्ग है. भारत, आसियान (दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संघ) के साथ अंतर्राष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार नौवहन स्वतंत्रता और निर्बाध व्यापार को लेकर प्रतिबद्ध है."

उन्होंने कहा, "तीसरी बात यह कि हमें साइबर सुरक्षा पर दृढ़ प्रतिबद्धता और निकट सहयोग की जरूरत है."

मोदी ने चौथे सिद्धांत के तौर पर क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी को लेकर जल्द नतीजे तक पहुंचने की बात भी कही. उन्होंने कहा, "पांचवां, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का मुख्य जोर विकास को लेकर सहयोग है. भारत अपने साझेदार देशों के प्रयासों को समर्थन देना जारी रखेगा."