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भारत छोड़ने का इरादा नहीं: आमिर

भारत छोड़ने का इरादा नहीं: आमिर

मुंबई. 25 नवंबर 2015
 

आमिर खान

प्रख्यात फिल्म अभिनेता-निर्माता आमिर खान ने 'असहिष्णुता' पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि न तो वह भारत छोड़ेंगे और न उनकी पत्नी ही देश छोड़ेंगी.

आमिर ने कहा कि, "सबसे पहले मैं एक बात साफ करना चाहूंगा कि न तो मेरा इरादा देश छोड़ने का है और न मेरी पत्नी का ही इरादा देश छोड़ने का है. हमारा न ऐसा कोई इरादा था, न है और न होगा."

उन्होंने यह भी कहा कि "दिल की बात कहने पर जो लोग इस वक्त मुझे भद्दी गालियां दे रहे हैं, मुझे यह कहने में दुख होता है कि आप इस तरह मेरे दृष्टिकोण को सत्यापित ही कर रहे हैं."

आमिर ने कहा, "जो कोई भी ऐसी बात फैलाने की कोशिश कर रहा है उसने या तो मेरा साक्षात्कार नहीं देखा है, या वह जानबूझकर मेरी बात को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की कोशिश कर रहा है. भारत मेरा देश है, मैं इससे प्यार करता हूं, यहां पैदा होकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस करता हूं, और यही मेरी सरजमीं है."

आमिर ने कहा, "दूसरी बात यह कि साक्षात्कार में मैंने जो भी कहा है उस पर कायम हूं. जो लोग मुझे देशद्रोही कह रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहूंगा कि भारतीय होने पर मुझे गर्व है, और इसके लिए मुझे किसी के इजाजत या प्रमाण-पत्र की जरूरत नहीं है."

आमिर ने कहा, "जो लोग मेरे साथ खड़े हैं, उन सभी को धन्यवाद. हमें अपने इस खूबसूरत और बेमिसाल देश की हिफाजत करनी है. हमें इसकी एकता-अखंडता, विविधता, समग्रता, यहां की भाषा, संस्कृति, यहां के इतिहास, सहिष्णुता, अनेकांतवाद (बहुलता वाद) के सिद्धांत, यहां के प्रेम, संवेदनशीलता और भावनात्मक शक्ति की हिफाजत करनी है."

आमिर ने रविंद्रनाथ टैगोर की मशहूर कविता 'जहां मन भय से मुक्त हो', से अपनी बात खत्म की.

गौरतलब है कि सोमवार को नई दिल्ली में एक पुरस्कार समारोह में आमिर ने पिछले छह से आठ महीनों में भारत में बढ़ती असहिष्णुता पर निराशा व्यक्त की थी. इस बयान को लेकर आमिर को सोशल मीडिया पर काफी आलोचना झेलनी पड़ी है.


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