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आमिर को निशाने पर लेना गलत: फरहा

आमिर को निशाने पर लेना गलत: फरहा

मुंबई. 27 नवंबर 2015. बीबीसी
 

फरहा खान

कोरियोग्राफ़र से फ़िल्मकार बनीं फ़रहा ख़ान बढ़ती असहिष्णुता पर अपने बयान से विवादों में फंसे आमिर ख़ान के समर्थन में आगे आईं हैं.

फ़रहा का मानना है कि आमिर पर चौतरफ़ा हमला ग़लत है और उन्होंने (आमिर ने) बस अपना पक्ष रखा है.

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान फ़रहा कहा, "मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि देश में कोई असहिष्णुता नहीं है, लेकिन पक्ष रखना भी ग़लत नहीं."


वो आगे बोलती हैं, "आजकल यह आम बात है कि जब भी कोई अपना पक्ष रखता है तो सभी लोग उस पर कूद पड़ते हैं और जैसे हमला बोल देते हैं."

फ़रहा इस उग्र प्रतिक्रिया को ही असहिष्णुता मानती हैं, "यही असहिष्णुता की परिभाषा है, जब लोग कहते हैं कि आप कैसे कह सकते हैं कि हम असहिष्णु हैं? या फिर लोग इस तरह से आक्रमक हो कर प्रतिक्रिया देते हैं."


पिछले कुछ दिनों से आमिर ख़ान को असहिष्णुता पर उनकी कही हुई बात को ले कर बॉलीवुड से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है.


आमिर ख़ान ने कुछ दिनों पहले एक समारोह में कहा था, "किरण और मैं भारत में पूरी ज़िंदगी रहे पहली बार उसने कहा, क्या हमें भारत से चले जाना चाहिए उसे अपने बच्चे के लिए डर है, उसे डर है कि उसके आस पास कैसा माहौल होगा."


उन्होंने पुरस्कार वापसी का भी समर्थन किया था और कहा था कि सृजनात्मक लोगों के लिए अपना असंतोष या निराशा व्यक्त करने का तरीक़ा पुरस्कार वापसी है.


फ़रहा कहती हैं, "आमिर बहस के केंद्र में हैं क्योंकि उन्होंने पिछले छह से आठ महीनों के दौरान असहिष्णुता की बढ़ती घटनाओं पर चिंता और निराशा व्यक्त की. पर ये उनके निजी विचार हैं. इन्हें व्यक्त करने के लिए वो स्वतंत्र है."

 


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