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बांग्लादेश: ब्लॉगर की हत्या के दो आरोपियों को मृत्युदंड

15 लाख छोड़ो 15 रुपए भी नहीं मिले: हजारे

रालेगण सिद्धी. 1 जनवरी 2016
 

anna hazare

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर यूपीए और मौजूदा एनडीए सरकार में कोई अंतर नहीं है.


हजारे ने मोदी को लिखे गए तीन पृष्ठ के एक पत्र में कहा कि भ्रष्टाचार को कम करने के लिए लोकपाल और लोकायुक्त लागू करने जरूरी हैं और किसानों को आत्महत्या से रोकने के लिए कृषि उत्पादों का वाजिब मूल्य दिया जाना चाहिए.

हजारे ने याद दिलाया कि चुनाव से पहले मोदी ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर वह देश को भ्रष्टाचारमुक्त कर देंगे. हजारे ने लिखा, "भ्रष्टाचार अब तक कम नहीं हुआ है. महंगाई भी कम नहीं हुई है. भ्रष्टाचार के मामले में संप्रग और राजग सरकारों में कोई फर्क नहीं है."

हजारे ने याद दिलाया कि मोदी ने वादा किया था कि प्रथम 100 दिनों में ही विदेश में छुपा कर रखा गया काला धन देश लाया जाएगा और हर भारतीय के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा कर दिए जाएंगे.

हजारे ने कहा, "लेकिन यह अभी तक नहीं हो पाया है. 15 लाख रुपये तो दूर 15 रुपये भी लोगों को नहीं मिले."

पत्र में कहा गया है, "आप न तो लोकपाल और लोकायुक्त कानून की बात कर रहे हैं, न ही उसे लागू कर रहे हैं. हमें उम्मीद थी कि आप 'मन की बात' कार्यक्रम में इस पर कुछ कहेंगे."

हजारे ने अपने गांव से लिखे पत्र में आगे कहा, "हो सकता है कि आपको मेरे पत्र से क्रोध आए और आप उसे कचड़े के डिब्बे में फेंक दें. मैं तो एक साधारण आदमी हूं, जिसके पास सरकार के विरुद्ध कोई शक्ति नहीं है. मैं अधिक से अधिक यही कर सकता हूं कि आंदोलन शुरू करूं."
 


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