पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राष्ट्र > Print | Share This  

सहिष्णु देश है भारत: तसलीमा

सहिष्णु देश है भारत: तसलीमा

नई दिल्ली. 10 जनवरी 2016
 

taslima nasreen

बांग्लादेश की आत्म-निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन का कहना है कि भारत एक सहिष्णु देश है, जहां कुछ असहिष्णु लोग रहते हैं. उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है जब हिंदू कट्टरतावाद के साथ ही मुस्लिम कट्टरवाद पर भी ध्यान केंद्रित किया जाए.

पश्चिम बंगाल के मालदा में हाल में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए तस्लीम ने कहा, "मेरा मानना है कि भारत एक सहिष्णु देश है. लेकिन, कुछ लोग असहिष्णु हैं. हर समाज में कुछ लोग असहिष्णु होते हैं."

उन्होंने कहा कि हिंदू कट्टरवाद पर बात होती है, लेकिन मुस्लिम कट्टरवाद पर भी बात होनी चाहिए.

तस्लीमा ने कहा अभिव्यक्ति की शत-प्रतिशत स्वतंत्रता होनी चाहिए, भले ही इससे कुछ लोगों की भावनाएं आहत ही क्यों न होती हों.

तस्लीमा ने कहा, "मेरा मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होनी चाहिए चाहे इससे कुछ लोगों की भावनाएं आहत ही क्यों न होती हों. अगर हम अपना मुंह नहीं खोलेंगे तो समाज विकास नहीं करेगा. हमें समाज को बेहतर बनाने के लिए महिलाओं से घृणा करने वालों का, धार्मिक कट्टरवादियों का और समाज की सभी बुरी शक्तियों का विरोध करना होगा."

तस्लीमा ने शनिवार शाम दिल्ली हाट में दिल्ली साहित्य समारोह में 'कमिंग ऑफ द एज ऑफ इंटालरेंस' विषय पर हुए विचार-विमर्श में ये बातें कही.

तस्लीमा को बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के विरोध का सामना करना पड़ा था. उनके उपन्यास 'लज्जा' पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगा था. उन्हें धमकियां दी गई थीं. इस वजह से उन्हें देश छोड़ना पड़ा.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in