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कामदुनि गैंगरेप: तीन को मृत्युदंड

कामदुनि गैंगरेप: तीन को मृत्युदंड

कोलकाता. 30 जनवरी 2016
 

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पश्चिम बंगाल के कामदुनि गांव में करीब ढाई वर्ष पहले एक स्नातक की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में शनिवार को अदालत ने तीन दोषियों को मृत्युदंड जबकि तीन अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

मौत की सजा पर हालांकि कलकत्ता उच्च न्यायालय की मुहर लगनी शेष है और बचाव पक्ष के वकील ने कहा है कि सजा पाए सभी छह दोषी उच्च न्यायालय में याचिका लगाएंगे.

उत्तर 24 परगना जिले के कामदुनि गांव में सात जून, 2013 को विद्यालय से पढ़कर लौट रही 20 वर्षीया पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने वाले छह आरोपियों को न्यायालय ने गुरुवार को दोषी करार दिया था.

दुर्लभतम श्रेणी के इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संचिता सरकार ने सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दोषी सैफुल अली, अंसार अली और अमीन अली को मौत की सजा सुनाई.

सामूहिक दुष्कर्म, आपराधिक षडयंत्र और सबूत नष्ट करने के दोषी पाए गए शेख इमानुल इस्लाम, अमीनुर इस्लाम और भोला नासकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है.

तीन दोषियों को मृत्युदंड की सजा की खबर मिलते ही पीड़िता के परिजन और कामदुनि गांव के लोग रो पड़े और उन्होंने अदालत के फैसले की सराहना की.

मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन गुरुवार को अदालत ने तीन आरोपियों, रफीकुल इस्लाम और नूल अली को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया, जबकि एक अन्य आरोपी गोपाल नास्कर की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है.

पीड़िता के भाई ने फैसले पर रोते हुए कहा कि वह आरोपमुक्त कर दिए गए दो आरोपियों पर फैसला वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलेंगे.

उन्होंने कहा, "हम फैसले से खुश हैं, लेकिन यदि सभी छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई जाती तो हमें ज्यादा खुशी होती. दो आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ हम मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पर भी विचार कर रहे हैं."

सजा निर्धारित करने के लिए शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि यह मामला दुर्लभतम श्रेणी का नहीं है, इसलिए दोषियों को मृत्युदंड नहीं दी जा सकती.
 


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