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महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो: सांसद

महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो: महिला सांसद

नई दिल्ली.8 मार्च 2016
 

अरूप राहा

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिला सांसदों ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने से लेकर निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान भागीदारी देने तक लंबा सफर तय करना पड़ेगा.

 

सांसदों ने यह बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला विकास से आगे बढ़कर महिला के नेतृत्व में विकास की ओर बढ़ने की बात के आलोक में कही.  महिला सांसदों ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने से यह प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में संपन्न हुए महिला सांसदों के अधिवेशन में कहा था कि महिला विकास से परे जाकर महिला के नेतृत्व में विकास की ओर बढ़ना चाहिए. उन्होंने महिला सांसदों से कहा था कि उन्हें अपने सशक्तीकरण के लिए पंचायतों और नगरपालिकाओं के प्रतिनिधियों से बातचीत करनी चाहिए.

लेकिन उसी सम्मेलन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फसदी देने से संबंधित विधेयक अभी तक पारित नहीं हो सका है.

उधर, वाकपटु भाजपा की नेता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि महिलाएं पहले से ही सशक्त हैं उन्हें तो सिर्फ अवसर मिलने की जरूरत है. महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिल जाए तो बाकी चीजें वह खुद कर लेंगी. उन्होंने कहा, "अगर आप महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर दें तो ऐसी कोई चीज नहीं है जो पाने योग्य नहीं है."

इस मुद्दे पर कांग्रेस की सांसद विजयलक्ष्मी साधो ने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए कुछ नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बन जाए तो वे खुद बड़ी भूमिका के लिए तैयार हो जाएंगी.

उन्होंने निर्भया कोष पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके मान सम्मान की रक्षा के लिए दस करोड़ रुपये की राशि से 2013 में इसकी शुरुआत की गई थी. लेकिन महिलाओं के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं होने से यह राशि ऐसे ही पड़ी हुई है.
 


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