पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना > > Print | Share This  

बैंकों की परेशानियों से निपटेंगे: जेटली

बैंकों की परेशानियों से निपटेंगे: जेटली

नई दिल्ली. 14 मार्च 2016
 

arun jaitley

केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार बैंकों के वित्तीय तनाव का स्थायी समाधान करने के लिए इसकी बुनियादी समस्या, यानी, इस्पात, चीनी, बिजली और राजमार्ग क्षेत्र की कंपनियों की सीमा से अधिक कर्जधारिता से निपटेगी.

आम बजट 2016-17 पर लोकसभा में बहस का जवाब देते हुए जेटली ने कहा कर्ज नहीं चुकाए जाने के मामले से कानूनी तरीके से निपटा जाएगा. उन्होंने कहा, "लेकिन कुछ दूसरे कारण भी हैं, जिसके कारण बैंकिंग प्रणाली में गैर निष्पादित परिसंपत्तियों का स्तर बढ़ गया है."

जेटली ने कहा कि इस्पात क्षेत्र में चीन द्वारा की जा रही डंपिंग एक समस्या है. चीन क्षेत्र में वैश्विक मूल्य कम होना समस्या है. बिजली क्षेत्र में कुछ राज्यों द्वारा लागत से कम दर पर बेचने का फैसला एक समस्या है, जिसके कारण वितरण कंपनियां ऋण लेने के लिए बाध्य हैं. राजमार्ग क्षेत्र में नीतियों के बुरे कार्यान्वयन से समस्या पैदा हुई है.

उन्होंने कहा, "लेकिन इन सभी मामलों से समुचित नीतिगत तरीके से निपटा जाएगा."

उन्होंने कहा एंटी डंपिंग शुल्क और इस्पात के ऊंचे न्यूनतम आयात मूल्य, चीनी पर ऊंचा आयात शुल्क और बिजली वितरण कंपनियों के लिए उदय डिस्कॉम के कर्ज पुनर्गठन पैकेज जैसे उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया.

संसद में गत सप्ताह कहा गया था कि सरकारी बैंकों का एनपीए मौजूदा कारोबारी साल के प्रथम नौ महीने में करीब एक लाख करोड़ रुपये बढ़ गया है.



 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in