पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है भुखमरी

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > मुद्दा > छत्तीसगढ़ Print | Send to Friend | Share This 

बस्तर में थल सेना का बेस कैंप

बस्तर में थल सेना का बेस कैंप

रायपुर. 29 अप्रैल 2010


भारत के गृहमंत्री पी चिदंबरम भले ही माओवादियों के खिलाफ सेना के इस्तेमाल से इंकार करते रहे हों लेकिन सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाके में सेना के इस्तेमाल का एक नया तरीका तलाश लिया है.

दैनिक छत्तीसगढ़ के अनुसार अबूझमाड़ में थल सेना का बेस कैंप बनाने की दिशा में प्रक्रिया चल रही है. सरकार करीब 500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को बेस कैंप के लिए कब्जा देने पर विचार कर रही है. वायु सेना का एयरबेस के साथ ही साथ थलसेना भी यहां बेस कैंप बनाने का प्रस्ताव दिया है. इस सिलसिले में थलसेना अध्यक्ष की राज्य शासन के अधिकारियों के साथ प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है.

राज्य सरकार ने थल सेना के बेस कैंप के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर सहमत हो गई है. बताया गया है कि थल सेना ने अबूझमाड़ में बेस कैंप बनाने की इच्छा जाहिर की है. सरकार भी इसके लिए तैयार है. लेकिन, दिक्कत यह है कि इस पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण नहीं हो पाया है. ऐसे में जमीन उपलब्ध कराने में कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.

अबूझमाड़ का इलाका घोर नक्सल प्रभावित के साथ-साथ अत्यंत घना जंगल है. यहां सर्वे के लिए कई दफा कोशिश भी की गई. इसरो के माध्यम से हवाई सर्वे हो चुका है. लेकिन जमीन सर्वे का काम नक्सल आतंक की वजह से अटका पड़ा है. कोई भी अधिकारी-कर्मचारी यहां जाने के लिए तैयार नहीं है. सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले पर थल सेना के अधिकारियों के साथ राज्य शासन के अधिकारियों ने विचार विमर्श भी किया है. राज्य सरकार जमीन का कब्जा देने के लिए मोटे तौर पर सहमत हैं. थल सेना भी बिना पेड़ कटाई के वहां बेस कैंप बनाने के लिए सहमत हैं.

राज्य सरकार का मानना है कि थल सेना का बेस कैंप लगने से इस क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों में कमी आएगी. इसके अलावा क्षेत्र के विकास और नक्सलियों से निपटने के लिए सेना से संसाधन भी उपलब्ध हो सकते हैं.

बताया गया है कि सरकार करीब 500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बेस कैंप बनाने के लिए थल सेना को देने के लिए सहमत है. लेकिन, यहां आबादी को विस्थापित भी किया जाना है. थल सेना के अधिकारियों ने इसके लिए भरोसा दिलाया है. इस सिलसिले में जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक होगी. इस बैठक में बेस कैंप लगाने की दिशा में आ रही दिक्कतों को दूर करने की कोशिश की जाएगी.

[an error occurred while processing this directive]
 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in