पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति > Print | Share This  

रावत पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप

रावत पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप

देहरादून. 26 मार्च 2016
 

हरीश रावत

उत्तराखंड में कांग्रेस के बागी विधायकों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग का वीडियो यहां शनिवार को जारी किया और उन पर अपनी सरकार को बचाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया. भाजपा ने राज्य सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है.

कांग्रेस के बागी विधायकों की ओर से जारी वीडियो में मुख्यमंत्री रावत कथित रूप से विधायकों को पैसे देने की कोशिश करते दिख रहे हैं और उनसे विश्वासमत प्रस्ताव पर मतविभाजन के दौरान सरकार के पक्ष में वोट देने को कह रहे हैं. राज्यपाल के.के पॉल ने रावत सरकार को 28 मार्च से पहले विश्वास मत हासिल करने को कहा है.

वीडियो जारी करते हुए बागी विधायक हरक सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नौ बागी विधायकों एवं कुछ भाजपा विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि बागी विधायकों को जान से मारने की धमकी भी मिल रही है.

रावत ने कहा, "हमलोगों ने अपनी सुरक्षा की चिंता से भारत सरकार को अवगत करा दिया है और सुरक्षा की व्यवस्था करने को कहा है. साथ ही सरकार को तुरंत बर्खस्त करने को कहा है."

उन्होंने कहा, "वीडियो में मुख्यमंत्री प्रति विधायक पांच करोड़ रुपये देने की पेशकश कर रहे हैं और यह भी कहते सुने जा रहे हैं कि चलो सस्ते निपट गया."

उधर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को नोटिस भेज कर उनसे 26 मार्च तक जवाब मांगा था. नोटिस में कहा गया है कि पार्टी का अनुशासन भंग करने और भाजपा से हाथ मिलाने के लिए दल बदल कानून के तहत क्यों नहीं उन्हें सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहराया जाए.

वीडियो जारी होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और स्टिंग करने वाले पत्रकार पर विपक्ष के साथ मिलकर उनकी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in