पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > मुद्दा > पाकिस्तान Print | Send to Friend | Share This 

दक्षेस सम्मेलन में गिलानी-मनमोहन की मुलाकात

दक्षेस सम्मेलन में गिलानी-मनमोहन की मुलाकात

थिम्पू. 29 अप्रैल 2010

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री युसुफ गिलानी से भूटान की राजधानी थिम्पू में चल रहे दक्षिण एशियाई क्षेत्नीय सहयोग संघ(दक्षेस) के 16वें शिखर सम्मेलन में मुलाकात की. यह बातचीत लगभग डेढ़ घंटे तक चली. बताया जा रहा है कि बातचीत काफी हद तक सकारात्मक रही है जिसमें दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य करने की जरूरत पर सहमति जताई गई है.

इन दोनों नेताओं के बीच पिछली मुलाकात 9 महीने पहले मिस्त्र के शर्म अल शेख में हुई थी जिसके बाद फरवरी में दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत हुई थी. उस बातचीत में तय हुआ था कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व में चर्चा होनी चाहिए. हालांकि भारत की ओर से इस मुलाकात को व्यापक वार्ता प्रक्रिया जैसा नहीं देखा जा रहा है और इसे महज़ एक औपचारिक मुलाकात के रूप में दर्शाया जा रहा है.

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत की ओर से मुंबई आतंकी हमलों के गुनहगारों के खिलाफ शीघ्र ही कड़े कदम उठाने की मांग रखी है. उन्होंने पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई करने में हो रही देरी पर चिंता भी जताई. इसके बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री युसुफ गिलानी ने भरोसा दिलाया है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद के लिए होने नहीं देगा और अपने यहां मौजूद सभी आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करेगा.

बातचीत के बाद भारत-पाक के विदेश सचिवों ने पत्रकार सम्मेलन आयोजित किए. भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव ने संवाददाताओं से बात करते हुए बताया कि दोनों देशों ने माना है कि उनके बीच आपसी विश्वास की कमी है और दोनों ही चाहते हैं कि आपसी संबंध बेहतर बनाने के नए रास्ते तलाश किए जाए. उन्होंने ये भी बताया कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने तय किया है कि संबंध बेहतर बनाने के लिए दोनों ओर से मंत्रियों और विदेश सचिवों के बीच जल्द से जल्द बैठके होनी चाहिए.


[an error occurred while processing this directive]
 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in