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सेबी बेचेगी सहारा समूह की संपत्तियां

सेबी बेचेगी सहारा समूह की संपत्तियां

नई दिल्ली. 29 मार्च 2016
 

sahara

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को सुब्रत रॉय के सहारा समूह की करीब 86 संपत्तियों को बेचने की अनुमति दे दी, जिनका निर्विवाद मालिकाना हक उसके पास है.

संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग उन आम निवेशकों की राशि लौटाने में किया जाएगा, जो सहारा की दो कंपनियों ने लोगों से वैकल्पिक रूप से पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचरों के जरिए जुटाई थी. इन संपत्तियों का मूल्य करीब 40 हजार करोड़ रुपये होने का अनुमान है.

प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर, न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे और न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी की पीठ ने सहारा की संपत्तियों को बेचने का निर्देश दिया.

सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय मार्च 2014 से तिहाड़ जेल में बंद हैं और उन्हें जेल से बाहर निकालने के लिए समूह को 10 हजार करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा गया था, जो समूह ने अब तक नहीं किया है.

पीठ ने सेबी से कहा, "आप इस पर काम करना शुरू कीजिए. आप इसके लिए मुक्त हैं." पीठ ने रॉय के बारे में कहा, "उनके बाहर निकलने का एक मात्रा रास्ता आदेश का पालन है."

सहारा के दो निदेशक रवि शंकर दूबे और अशोक राय चौधरी भी जेल में बंद हैं.

समूह को मूलत: निवेशकों को कथित तौर पर 24 हजार करोड़ रुपये लौटाना था. सर्वोच्च न्यायालय ने 31 अगस्त, 2012 के आदेश में 15 फीसदी ब्याज के साथ यह राशि निवेशकों को लौटाने के लिए कहा था. सेबी के वकील ने गत महीने समूह पर कुल करीब 36 हजार करोड़ रुपये की देनदारी बकाया होने की बात कही थी.

अदालत ने यह भी कहा कि संपत्तियों की बिक्री संबंधित सर्किल दर के 90 फीसदी से कम कीमत पर नहीं बेची जा सकेगी. बिक्री के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है. सहारा ने बिक्री के लिए 86 संपत्तियों के मालिकाना हक जमा कर दिए हैं.

अदालत ने सेबी को सहारा की संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया के लिए एक एजेंसी नियुक्त करने का निर्देश दिया है.
 


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