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एनपीटी संधि के लिए भारत पर होगा अमरीकी दबाव

एनपीटी संधि के लिए भारत पर होगा अमरीकी दबाव

वॉशिंगटन. 1 मई 2010

अमरीका संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अगले हफ्ते होने वाले परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) की समीक्षा सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान सहित उन देशों पर इस संधि में भाग लेने के लिए दबाव बनाएगा, जिन्होंने अब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. यह जानकारी परमाणु अप्रसार के लिए नियुक्त अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की विशेष प्रतिनिधि सुसान बर्क के हवाले से मिली है. उन्होंने बताया कि एनपीटी का सार्वभौम अनुपालन का समर्थन करने के प्रति अमेरिका की लंबे समय से एक नीति रही है.

सुसान बर्क ने ये बात भार और पाकिस्तान की गैरहाज़िरी का हल निकाले जाने के प्रश्न पर कही. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि ये मुद्दा समीक्षा सम्मेलन के दौरान ज़रूर उठाया जाएगा. गौरतलब है कि भारत, पाकिस्तान और इज़राइल ने इस संधि पर अब तक हस्ताक्षर नहीं किया है. इस समीक्षा सम्मेलन का आयोजन विश्व भर में परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लक्ष्य में हुई प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है. यह सम्मेलन हर पाँच साल के अंतराल में आयोजित किया जाता है.


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