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मालेगांव विस्फोट: साध्वी प्रज्ञा को क्लीनचिट

मालेगांव विस्फोट: साध्वी प्रज्ञा को क्लीनचिट

नई दिल्ली. 13 मई 2016
 

साध्वी प्रज्ञा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने यहां शुक्रवार को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और पांच अन्य को क्लीन चिट देते हुए इनका नाम आरोपियों की सूची से हटा दिया. इसके बाद इनकी जेल से जल्द रिहाई का रास्ता साफ हो गया है.

इस मामले की जांच राज्य के आतंकवाद रोधी दस्ते के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे कर रहे थे. 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में करकरे की मौत हो गई थी. बाद में मालेगांव बम धमाके की जांच एनआईए ने की थी.

शुक्रवार के फैसले के बारे में बताते हुए साध्वी प्रज्ञा के वकील संजीव पुणालेकर ने कहा, "इस मामले में साध्वी प्रज्ञा, श्याम साहू, शिवनारायण कालसांगरा, लोकेश शर्मा, धान सिंह चौधरी और प्रवीण मुतालिक के खिलाफ आरोप हटा लिए गए हैं, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है."

एनआईए ने सभी आरोपियों के खिलाफ मकोका हटाने का फैसला किया है.

उल्लेखनीय है कि 29 सितंबर, 2008 को नासिक जिले के मालेगांव शहर में मोटरसाइकिलों में रखे गए दो बमों के विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई थी और 80 अन्य घायल हो गए थे. बाद में इसे अज्ञात 'हिंदू चरमपंथियों' द्वारा अंजाम दिया गया पहला आतंकी मामला बताया गया था.

एटीएस ने साध्वी को बम रखने का आरोपी करार दिया था. उन्हें उसी साल 23 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था.

इससे पहले एटीएस के समान ही एनआईए ने 14 लोगों को इसमें आरोपी ठहराया था. दो अन्य लोगों रामचंद्र कालसांगरा और संदीप डांगे को 'फरार' बताया गया था. ये दोनों 2007 के समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में भी आरोपी हैं.
कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि मालेगांव विस्फोट के आरोपियों को केंद्र सरकार इसीलिए छोड़ रही है क्योंकि उनका भाजपा से संबंध है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने यहां मीडिया से कहा, "केंद्र सरकार मालेगांव (विस्फोट मामला) के आरोपियों को बचाना चाहती है क्योंकि उसका उनके साथ संबंध है"

 


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