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रमन सिंह से दिग्विजय ने पूछे 10 सवाल

रमन सिंह से दिग्विजय ने पूछे 10 सवाल

भोपाल. 2 मई 2010


नक्सल मुद्दों पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह द्वारा लिखे गये लेख को लेकर विवाद थमता नज़र नहीं आ रहा है. उस लेख पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा किये गये पलट वार से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भड़कते हुए रमन सिंह के सामने 10 सवाल रखते हुए उनके जवाब की मांग की है.
रमन सिंह

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह को लिखे गये पत्र की प्रति पत्रकारों को जारी करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि रमन सिंह जहां चाहें, नक्सल समस्या पर वे बहस करने के लिये तैयार हैं. रमन सिंह द्वारा लिखे गये लेख से भड़के दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि इसकी भाषा और शब्दों के स्तर से मुझे दुख हुआ है. ऐसी अशिष्ट भाषा की उम्मीद आपसे नहीं थी.

अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह ने अपने 10 सवालों में पूछा है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके तथा शरमन सिंह के कार्यकाल में कितनी नक्सली वारदातें हुई, नक्सली हिंसा में कितने पुलिसकर्मी और नागरिक मारे गए और इस अवधि में मृतक नक्सलियों की संख्या कितनी है. पत्र में इन तथ्यों से संबंधित तुलनात्मक जानकारी मांगी गई है.

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अपने सवालों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से जानना चाहा है कि क्या यह सही नहीं है कि चुनावों के समय नक्सलियों को धन उपलब्ध कराने की बात कही गई थी तथा नक्सलियों से किया गया वायदा पूरा न होने की वजह से ही भाजपा नेता बलिराम कश्यप के पुत्र तानसेन कश्यप और पार्टी नेता दरबार सिंह मंडावी की हत्या कर दी गई.

दिग्विजय सिंह ने पूछा है कि कांग्रेस सरकार के समय आदिवासियों को ठेकेदारों के शोषण से मुक्त कराने के लिए यह प्रथा समाप्त कर दी गई थी और उन्हें साझेदार बनाते हुए रायल्टी के रूप में एक अरब रूपए बांटे गए थे. भाजपा सरकार ने यह प्रथा फिर क्यों आरंभ कर दी है.