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नेपाली पीएम को देना ही होगा इस्तीफा-प्रचंड

नेपाली पीएम को देना ही होगा इस्तीफा-प्रचंड

काठमांडू. 2 मई 2010


माओवादी नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड ने दुहराया है कि नेपाल के प्रधानमंत्री माधव कुमार को इस्तीफा देना ही होगा. उन्होंने कहा कि हमारी मांग प्रधानमंत्री बनाने से जुड़ी हुई नहीं है. यह मांग एक ऐसी सरकार के निर्माण की मांग है, जिसमें शांति और संविधान सुनिश्चित हो.
प्रचंड

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में अनुशाशित रुप से और जनतांत्रिक तरीके से विरोध का अधिकार है. लेकिन इसके उलट नेपाल की सरकार लोकतंत्र के विरुद्ध काम कर रही है.

माओवादियों द्वारा 22 पार्टियों के सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ आयोजित अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले दिन माओवादी नेता प्रचंड ने कहा कि माधव कुमार की सरकार जनता के अधिकारों का दमन कर रही है. उन्होंने कहा कि नेपाल की राजनीतिक अराजकता को खत्म करने के लिये राष्ट्रीय संयुक्त सरकार ही एकमात्र विकल्प है.

गौरतलब है कि नेपाली संसद में माओवादी सबसे बड़े दल की भूमिका में हैं लेकिन कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-एकीकृत मार्क्‍सवादी लेनिनवादी सत्ता की बागडोर संभल रही है. उसे दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी नेपाली कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है.

इधर नेपाल के प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल की अपनी पार्टी के कम से कम 16 अधिकारियों ने भी माधव कुमार नेपाल को पद से हटाये जाने की मांग की है. नेपाल की एकीकृत कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्‍सवादी-लेनिनवादी यूएमएल के अधिकारियों ने कहा है कि 28 मई तक नेपाल में नये संविधान का निर्माण हमारी प्राथमिकता है और इसके लिये देश में जरुरी शांति के लिये हमें बड़ी राजनीतिक ताकतों से समझौता करना ही होगा.

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इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

sundar nepal (sundarnepal11@yahoo.com) kathmandu,nepal

 
 प्रचण्ड खुदको प्रधानमन्त्री बनाने के लिए सडक आन्दोलन कर रहा है । यह लोकतन्त्रका उपहास है । सडक आन्दोलन से लोकतन्त्रमे सत्ता परिवर्तन होन अच्छी बात नही है । सडक दवाब के कारण प्रधानमन्त्रीको राजीनामा नही देना चाहिए । जबरदस्ती से सहमति नहीं होती है । माओवादी को यह बात समझना चाहिए । पुरे नेपाल को बन्द रखकर उसने जनता के मानवअधिकार का हनन कर रहा है ।
सुन्दर नेपाल, काठमाण्डु
 
   
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